Operation Sindoor: भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने कैसे पाकिस्तानी हमले को किया नाकाम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र की सत्ता पर काबिज होने के बाद सेना की एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूत करने के लिए सशक्त कदम उठाया. इसके लिए इंटीग्रेटेड काउंटर अनमैन्ड एरियल सिस्टम(यूएएस), एस-400 सिस्टम, बराक-8 सिस्टम, आकाश सरफेस टू एयर मिसाइल और डीआरडीओ द्वारा निर्मित एंटी ड्रोन सिस्टम का विकास भी शामिल है.

Operation Sindoor:पहलगाम आतंकी हमले के बाद आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई के लिए भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया. भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों पर सटीकता से हमला किया गया. इस हमले में दर्जनों आतंकी के मारे जाने की सूचना है. भारतीय सेना को ऑपरेशन सिंदूर के बाद पूरी आशंका थी कि पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आयेगा और छुप कर वार करेगा. यही कारण रहा कि पाकिस्तान के संभावित हमले से निपटने के लिए भारत की ओर से पहले ही एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया गया था. 

तीन स्तर पर भारत की ओर से एयर डिफेंस सिस्टम की तैनाती की गयी थी. इसका परिणाम यह हुआ कि पाकिस्तान की ओर से किए गए जवाबी हमले को भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने पूरी तरह नाकाम कर दिया. पाकिस्तान की ओर से भेजे गए आत्मघाती ड्रोन और मिसाइलों को पूरी तरह भारतीय सेना की ओर से नष्ट कर दिया गया. पाकिस्तान किसी भी ठिकाने पर हमला करने में नाकाम रहा. पाकिस्तानी कार्रवाई के जवाब में भारत की ओर से की गयी कार्रवाई में पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम को नष्ट कर दिया गया और कई लड़ाकू विमानों को मार गिराने में सफलता हासिल की. 


भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने दिखाया दम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र की सत्ता पर काबिज होने के बाद सेना की एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूत करने के लिए सशक्त कदम उठाया. इसके लिए इंटीग्रेटेड काउंटर अनमैन्ड एरियल सिस्टम(यूएएस), एस-400 सिस्टम, बराक-8 सिस्टम, आकाश सरफेस टू एयर मिसाइल और डीआरडीओ द्वारा निर्मित एंटी ड्रोन सिस्टम का विकास किया गया. भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने सिर्फ पाकिस्तानी हमले को ही नाकाम नहीं किया, बल्कि सटीकता से जवाबी कार्रवाई को अंजाम दिया. जवाबी कार्रवाई में भारतीय सेना ने पाकिस्तान के एचक्यू-9 और रडार सिस्टम को पूरी तरह बर्बाद कर दिया. 


वर्ष 2018 में रूस के साथ 35 हजार करोड़ रुपये की लागत से एस-400 सिस्टम खरीदने का समझौता किया और इसके तीन स्क्वाड्रन चीन और पाकिस्तान सीमा पर तैनात हैं. वर्ष 2017 में इजरायल के साथ बराक मिसाइल सिस्टम के लिए समझौता किया गया. साथ ही स्वदेशी निर्मित आकाश मिसाइल सिस्टम भारतीय सीमा को सुरक्षित रखने में कारगर साबित हुआ है. इसके अलावा स्वदेशी निर्मित आत्मघाती ड्रोन का निर्माण शुरू हुआ और यह ड्रोन सटीक हमला करने में सक्षम है. 

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Published by: Anjani kumar singh

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