भारत ने पाकिस्तान के 13 एयरक्राफ्ट, 11 एयरबेस किए तबाह, ऑपरेशन सिंदूर पर एयर मार्शल का खुलासा

Operation Sindoor Anniversary: ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर तीनों सेनाओं ने ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. जिसमें एयर मार्शल ने बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने बताया ऑपरेशन में भारत ने पाकिस्तान के 13 एयरक्राफ्ट और 11 एयरबेस को तबाह कर दिया था.

Operation Sindoor Anniversary: एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने बताया, हमने 7 मई को उनके 9 आतंकवादी शिविरों पर हमला किया और उन्हें पूरी तरह तबाह कर दिया. इसका सबूत सबके सामने है. हमने उनके 11 हवाई अड्डों पर हमला किया. हमने उनके 13 विमानों को नष्ट कर दिया, चाहे वे जमीन पर हों या हवा में; इनमें 300 किलोमीटर से ज्यादा की रिकॉर्ड दूरी पर मौजूद एक बेहद कीमती हवाई संपत्ति भी शामिल है.

ऑपरेशन सिंदूर में 100 से ज्यादा पाक सैनिक और 100 आतंकवादी ढेर : लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई

ऑपरेशन सिंदूर की बरसी पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया- भारतीय सेना ने पाकिस्तान के 100 से ज्यादा सैनिकों को मार गिराया. साथ ही नौ आतंकवादी कैंपों में 100 आतंकवादी मारे गए.

जब हम कार्रवाई करते हैं, तो वह निर्णायक और घातक होती है: एयर मार्शल

एयर मार्शल ने कहा- हम जियो और जीने दो के सरल दर्शन के साथ जीते आए हैं. लेकिन जब शांति की हमारी इच्छा को हमारी कमजोरी मान लिया जाता है. तब हमारे पास कार्रवाई करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता. और जब हम कार्रवाई करते हैं, तो वह अधूरी नहीं होती. वह निर्णायक होती है, वह घातक होती है, और वह ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के रूप में सामने आती है.

ऑपरेशन सिंदूर अब भी जारी है, तैयारियां चल रही हैं: लेफ्टिनेंट जनरल

प्रेस कॉन्फ्रेंस में लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा, ऑपरेशन अभी भी जारी है; इसका मतलब है कि तैयारियां चल रही हैं. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमने कुछ सबक सीखे हैं, और उन सबकों के आधार पर हमें लगा कि हमें कुछ बदलाव करने की जरूरत है. यह ऑपरेशन तब तक जारी रहेगा जब तक इसकी आवश्यकता होगी.

दिव्यास्त्र बैटरी, अश्नी प्लाटून और शक्ति बाण रेजिमेंट, भारत कर रहा बड़ी तैयारी

ऑपरेशन सिंदूर’ की वर्षगांठ पर लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा, भारत अपनी सैन्य शक्ति को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है. दिव्यास्त्र बैटरियों, ‘अश्नी’ प्लाटून, ‘शक्ति बाण’ रेजिमेंट बदलाव लगातार हो रहे हैं. काफी बड़ी संख्या में टुकड़ियां तैयार की जा रही हैं. उनकी भूमिकाएं और जिम्मेदारियां बहुत साफ तौर पर तय की गई हैं.

ऑपरेशन सिंदूर में भारत में तैयार डिफेंस इक्विपमेंट से पाकिस्तान पर किया गया हमला

ऑपरेशन सिंदूर की एनिवर्सरी पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में, लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया, ऑपरेशन ने स्वदेशी क्षमता को भी दिखाया. वेपन सिस्टम का एक बड़ा परसेंटेज, इस्तेमाल होने वाले गोला-बारूद, रॉकेट और मिसाइल, सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सूट भारत में ही डेवलप और बनाए गए थे. ब्रह्मोस, आकाश, एडवांस्ड सर्विलांस और टारगेटिंग सिस्टम के साथ-साथ देसी गोला-बारूद और स्पेयर पार्ट्स, सभी ने अहम भूमिका निभाई. देसी इक्विपमेंट का मतलब न सिर्फ आत्मनिर्भरता था, बल्कि इन्हें अपनी ऑपरेशनल जरूरतों के हिसाब से ढालने, सप्लाई चेन को बनाए रखने और तेजी और कॉन्फिडेंस के साथ जवाब देने की फ्लेक्सिबिलिटी भी थी.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Arbindkumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >