Omicron Updates: जनवरी तक आ जायेगी तीसरी लहर, आयेंगे दो लाख केस, जानें हर वो चीज जो आपके लिए है जरूरी...

डाॅ पुनीत मिश्रा ने बताया कि मुझे नहीं लगता है कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर जैसा देश में कुछ होगा, लेकिन इसमें भी कोई दो राय नहीं है कि ओमिक्राॅन का संक्रमण दर बहुत उच्च होगा.

कोरोना वायरस का ओमिक्राॅन वैरिएंट संक्रामकता के लिहाज से डेल्टा वैरिएंट से ज्यादा खतरनाक है. यही वजह है कि यह बड़ी संख्या में लोगों को संक्रमित करेगा, लेकिन इसके लक्षण डेल्टा वैरिएंट की तरह खतरनाक नजर नहीं आ रहे हैं. यह कहना है एम्स के कम्युनिटी मेडिसीन के प्रोफेसर डाॅ पुनीत मिश्रा का.

डाॅ पुनीत मिश्रा ने बताया कि मुझे नहीं लगता है कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर जैसा देश में कुछ होगा, लेकिन इसमें भी कोई दो राय नहीं है कि ओमिक्राॅन का संक्रमण दर बहुत उच्च होगा.


डेल्टा वैरिएंट पर हावी है ओमिक्राॅन

कोविड सुपरमाॅडल कमेटी का कहना है कि ओमिक्राॅन अपने संक्रमण दर के कारण डेल्टा वैरिएंट पर हावी हो रहा है. कमेटी के अध्यक्ष विद्यासागर ने कहा है कि यह वैरिएंट अत्यधिक संक्रामक है, लेकिन इससे खतरा कम है.

कोविड सुपरमाॅडल कमेटी के अध्यक्ष विद्यासागर ने कहा कि अगले साल की शुरुआत में ही कोरोना वायरस का थर्ड वेब आ जायेगा. यह थर्ड वेब फरवरी महीने तक अपने चरम पर पहुंच जायेगा. अभी की स्थिति में हम यह कह सकते हैं कि प्रतिदिन 7.500 केस आयेंगे. अगर स्थिति बहुत बिगड़ी तब भी देश में कोरोना की तीसरी लहर में दो लाख से अधिक मामले सामने नहीं आयेंगे.

महाराष्ट्र सरकार ने बढ़ाई सख्ती

गौरतलब है कि अभी देश में कोरोना वायरस के ओमिक्राॅन वैरिएंट के 113 केस हैं. सबसे ज्यादा केस महाराष्ट्र में है, इसलिए बीएमसी ने सावधानी बरतते हुए कई गाइडलाइन जारी किया है. बीएमसी ने सार्वजनिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत सभी कर्मचारियों के साथ-साथ कार्यक्रमों-समारोहों में उपस्थित होने वाले सभी कर्मचारियों का पूर्ण टीकाकरण अनिवार्य कर दिया है. गाइडलाइन का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए वार्ड स्तर पर दस्ते तैनात किए गए हैं. सार्वजनिक परिवहन सहित सार्वजनिक स्थानों पर केवल उन्हीं लोगों को अनुमति दी जाएगी जिन्हें पूरी तरह से टीका लगाया गया है.

बीएमसी के प्रमुख आई एस चहल ने कहा है कि ओमिक्राॅन के डर और क्रिसमस-नव वर्ष जश्न के मद्देनजर महानगर में लोगों को होटल, रेस्तरां, सिनेमा, मॉल में भीड़ से बचना चाहिए. साथ ही शादी समारोह और अन्य कार्यक्रमों में लोगों को तय संख्या में शामिल होने के नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा. बंद दरवाजे के भीतर 50 फीसदी क्षमता के साथ लोगों को शामिल होने की अनुमति है. वहीं खुले जगहों में यह 25 फीसदी है. वहीं 1,000 से ज्यादा संख्या में लोगों के शामिल होने वाले कार्यक्रम के लिए स्थानीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से पहले मंजूरी लेनी होती है. चहल ने लोगों से अपील की है कि वे मास्क ठीक से पहनें और टीके की पूरी खुराक लें.

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