Hybrid Immunity in Covid19 दुनिया के कई देशों में कोविड के नए और संक्रामक वेरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर दहशत का माहौल बना हुआ है. ओमीक्रॉन संक्रमिण के मामले सामने आने के वैज्ञानिकों ने माना है कि कोरोना का डेल्टा वेरिएंट अब भी सबसे ज्यादा खतरनाक है. वहीं, सिंगापुर के विशेषज्ञों का कहना है कि ओमिक्रॉन के डेल्टा वेरिएंट से ज्यादा खतरनाक होने के सबूत सामने नहीं आए हैं. इन सबके बीच अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान बीबीनगर के कार्यकारी निदेशक डॉ. विकास भाटिया ने हाईब्रीड इम्युनिटी को लेकर बड़ी बात कही है.
न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, डॉ. विकास भाटिया ने कहा कि जो लोग कोविड के संपर्क में आए हैं, उनमें कोविड के प्रति प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो सकती है. यह भी हो सकता है कि उन्हें टीकाकरण भी मिला हो. इस कारण इसे हाइब्रिड इम्युनिटी कहते हैं. डॉ विकास भाटिया ने कहा कि कोविड में हाइब्रिड इम्युनिटी का अर्थ है संक्रमण और टीकाकरण दोनों के माध्यम से प्राप्त प्रतिरक्षा. जब ये दोनों मिलकर काम करते हैं तो इसे हाइब्रिड इम्युनिटी कहा जाता है.
इधर, ओमिक्रॉन के बढ़ते खतरे के बीच, सीएसआईआर का बयान है कि भारतीय लोगों में कोरोना से मुकाबले के लिए हाईब्रीड इम्यूनिटी मिले हैं और ये सकारात्मक बात है. कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमीक्रोन से संबंधित लक्षणों के दूसरे वेरिएंट से ज्यादा खतरनाक होने या मौजूदा वैक्सीनेशन या इलाज के इस पर बेअसर होने के संबंध में फिलहाल कोई सबूत नहीं हैं. सिंगापुर स्वास्थ्य मंत्रालय के हवाले से एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है. चैनल न्यूज एशिया की रिपोर्ट के मुताबिक सिंगापुर के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि ओमिक्रॉन के बारे में और अधिक जानकारियां व अध्ययन की जरूरत है.
