ओडिशा के बालासोर से दुर्लभ प्रजाती की मछली पकड़ी गयी है. जिसने मछुआरों की किस्मत ही बदलकर रख दी. मछली 550 किलोग्राम वजनी बतायी जा रही है.
एक लाख में बिकी मछली, मछुआरे की बदली किस्मत
बालासोर तट से पकड़ी गयी मछली को एक लाख रुपये में बेची गयी. जिससे मछुआरों की किस्मत ही बदल गयी. हालांकि यह पहली बार नहीं हुआ है, जब मछुआरों ने भारी-भरकम मछली का शिकार किया हो.
दुर्लभ मांसाहारी मछली है सेलर मार्लिन, अवसादरोधी दवाइयां बनाने के लिए होता है उपयोग
ओडिशा के बालासोर से पकड़ी गयी दुर्लभ मछली बेहद खतरनाक बतायी जा रही है. उसके मुंह आरी की तरह नुकीले हैं, जिससे वह आसानी से अपनी शिकार कर पाती है. 550 किलोग्राम वजनी मार्लिन उर्फ सेलर मार्लिन नामक एक दुर्लभ मांसाहारी प्रजाति की मछली है. सहायक मत्स्य अधिकारी पार्थसारथी स्वैन ने बताया, इस मछली के अवशेषों का उपयोग अवसादरोधी दवाइयां बनाने के लिए किया जाता है.
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इससे पहले भी ओडिशा में मछुआरों ने पकड़ी कई दुर्लभ प्रजाति की मछली, लाखों में बेची गयी
ओडिशा के तट से पहली बार नहीं है, जब कोई दुर्लभ वजनी मछली को पकड़ा गया. इससे पहले भी मछुआरों ने भारी-भरकम मछली को पकड़ा और उसे बेचकर लखपति बने. इससे पहले एक मछुआरे ने भद्रक जिले के चांदबली से एक 32 किलोग्राम वजनी मछली को पकड़ा था. उस मछुआरे ने दावा किया था कि उसने उस मछली को 3 लाख से अधिक कीमत पर बेची थी.
