नयी दिल्ली: भारत में कोरोना वायरस के XE वैरिएंट का कोई केस नहीं मिला है. मीडिया में ऐसी खबर थी कि भारत में XE और कप्पा वैरिएंट की पुष्टि हुई है. लेकिन, सरकार के आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को कहा कि कोविड के XE म्यूटेंट की भारत में अब तक पुष्टि नहीं हुई है.
मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि मुंबई में कोरोना के XE म्यूटेंट वैरिएंट की एंट्री हो गयी है. सरकारी सूत्रों ने कहा कि हालांकि, आधिकारिक सूत्रों ने कहा है कि अभी तक इस बात के कोई सबूत नहीं मिले हैं कि ये कोविड19 के XE वैरिएंट हैं. सैंपल के FastQ फाइल्स, जिसे XE वैरिएंट कहा जा रहा है, का INSACOG के जीनोमिक एक्सपर्ट विश्लेषण करेंगे और उसके बाद ही पता चल पायेगा कि ये XE वैरिएंट हैं या नहीं.
आधिकारिक सूत्रों ने यह भी कहा है कि INSACOG के विशेषज्ञों ने जो अध्ययन किया है, उसमें कहा गया है कि इस वैरिएंट के जो पिक्चर सामने आये हैं, वे XE वैरिएंट के जीनोमिक पिक्चर से मेल नहीं खाते. इसलिए यह कहना कि भारत में XE म्यूटेंट की एंट्री हो गयी है, उचित नहीं होगा.
बता दें कि इससे पहले ग्रेटर मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने बुधवार को दिन में कहा था कि एक मरीज में ‘कप्पा’ वैरिएंट की पुष्टि हुई है, जबकि दूसरे मरीज में ‘XE’ म्यूटेंट वैरिएंट की पुष्टि हई है. बता दें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने हाल ही में कहा था कि ब्रिटेन में कोविड19 का नया म्यूटेंट XE मिला है. यह बीए.2 से ज्यादा संक्रामक हो सकता है.
भारत में चौथी लहर के बारे में वैज्ञानिकों ने कही ये बात
हालांकि, भारत के वायरोलॉजिस्ट्स ने कहा है कि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह वैरिएंट बहुत संक्रामक है, उसके सबूत अभी तक नहीं मिले हैं. साथ ही कहा कि भारत में इस वैरिएंट की वजह से कोरोना की चौथी लहर आयेगी, इसकी संभावना बहुत ज्यादा नहीं दिखती. हालांकि, विशेषज्ञों ने कहा है कि कोरोना को अभी आसानी से लेने की जरूरत नहीं है. लोगों को सावधानी और सतर्कता दोनों बरतने की जरूरत है.
Posted By: Mithilesh Jha
