नयी दिल्ली : पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच चल रहे गतिरोध दूर करने और सैन्य तनाव कम करने को लेकर आज रविवार को दोनों देशों के बीच कमांडर स्तर की 9वें दौर की बातचीत चुशुल सेक्टर के विपरित मोल्डो में सुबह साढ़े नौ बजे शुरू हुई.
मालूम हो कि पिछले साल जून माह में लद्दाख की गलवान घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हो गयी थी. इसमें भारत के 20 जवान शहीद हो गये थे. इसके बाद दोनों देशों के तनाव कम करने को लेकर बातचीत की जा रही है.
दोनों देशों के बीच आठ दौर की बातचीत हो चुकी है. अंतिम बातचीत नवंबर माह में हुई थी. पिछले आठ माह से चल रहे दोनों देशों के बीच चल रहे गतिरोध को खत्म करने को लेकर संभावना जतायी जा रही है कि नौवें दौर की बातचीत में विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधि भी शामिल हो सकते हैं.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने बीते शुक्रवार को कहा था कि बातचीत को लेकर दोनों देशों के बीच संपर्क बना हुआ है. सीमा पर से सैनिकों की वापसी और शांति स्थापित करना हमारा उद्देश्य है.
पूर्वी लद्दाख स्थित भारत-चीन सीमा पर औसतन तापमान शून्य से 40 से 45 डिग्री होने के कारण एलएसी का पूरा इलाका में बर्फ से ढक गया है. चारो ओर बर्फ होने से दोनों देशों के सैनिकों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.
मालूम हो कि चीन ने भारत के अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक सीमा के करीब चार-पांच किलोमीटर अंदर गांव बसा लिया है. चीन ने करीब सौ घरों का निर्माण कर लिया है.
