Video: उत्तराखंड में पुलिस-निहंग सिख आमने-सामने, बातचीत के बाद खत्म हुआ विवाद

Video : कर्णप्रयाग झड़प और नगरासू गुरुद्वारा विवाद को लेकर राज्य प्रशासन के साथ बातचीत बेनतीजा रहने के बाद सैकड़ों निहंग सिख उत्तराखंड-हिमाचल प्रदेश सीमा पर जुट गए. हालात को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया. नीचे देखें वीडियो.

Video : उत्तराखंड-हिमाचल प्रदेश सीमा पर निहंग सिखों और उत्तराखंड प्रशासन के बीच बना गतिरोध गुरुवार (25 जून) को कई घंटे चली बातचीत के बाद खत्म हो गया. बातचीत में सहमति बनने के बाद अधिकांश निहंग सिख वहां से लौट गए और हालात धीरे-धीरे सामान्य होने लगे. कर्णप्रयाग झड़प और नगरासू गुरुद्वारा विवाद को लेकर निहंग सिखों ने उत्तराखंड में प्रवेश की बात कही थी. इसके बाद देहरादून और आसपास के इलाकों में तनाव बढ़ गया था. हालांकि वार्ता सफल रहने के बाद स्थिति में सुधार हुआ और प्रशासन ने राहत की सांस ली. घटना का वीडियो न्यूज  एजेंसी एएनआई ने जारी किया है. देखें वीडियो.

जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई

शुरुआत में सैकड़ों निहंग सिख उत्तराखंड-हिमाचल प्रदेश सीमा पर स्थित कुल्हाल चेक पोस्ट के पास जमा हो गए थे. पहला जत्था दिनभर हिमाचल प्रदेश के गुरुद्वारा पांवटा साहिब में रुका रहा. इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने उनसे कई दौर की बातचीत की और उत्तराखंड की ओर प्रस्तावित मार्च को टालने के लिए समझाने की कोशिश की. लंबे समय तक चली चर्चा के बाद हालात को शांतिपूर्ण तरीके से संभालने के प्रयास जारी रहे.

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जब बातचीत से तुरंत कोई समाधान नहीं निकला, तो प्रशासन ने सीमा क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया. किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया और जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई. अधिकारियों ने हालात पर कड़ी नजर रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी, ताकि तनाव बढ़ने से रोका जा सके.

माहौल धीरे-धीरे शांत हो गया

हालांकि, बातचीत का दौर जारी रहने के साथ माहौल धीरे-धीरे शांत होने लगा. निहंग सिख छोटे-छोटे ग्रुप में वहां से लौटने लगे और देहरादून, ऋषिकेश व मसूरी की ओर जाने वाले रास्ते बंद होने के कारण कई लोग वापस हिमाचल प्रदेश चले गए. वहीं, कुछ निहंग सिखों को देहरादून के गुरुद्वारा गोबिंद नगर रेसकोर्स में ठहराया गया, जहां प्रशासन के साथ बातचीत का नया दौर आगे बढ़ सके.

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Published by: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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