नयी दिल्ली : राष्ट्रीय जांच एजेन्सी (एनआईए) ने भारत के विभिन्न राज्यों के खिलाफ हिंसक जिहाद छेड़ने के लिए देश के प्रभावशाली युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और भर्ती करने के लिए आईएसआईएस की साजिश के मामले में तीन आरोपितों को सोमवार को गिरफ्तार किया.
राष्ट्रीय जांच एजेन्सी ने बताया है कि तीनों आरोपित उमर निसार, तनवीर अहमद भट और रमीज अहमद लोन को गिरफ्तार किया गया है. प्रभावशाली युवाओं को उकसाने और कट्टरपंथी बनाने के उद्देश्य से मासिक आधार पर भारत केंद्रित ऑनलाइन प्रचार पत्रिका ‘द वॉयस ऑफ हिंद’ प्रकाशित की जाती है.
भारत में आईएसआईएस कैडरों के साथ-साथ विभिन्न संघर्ष क्षेत्रों से सक्रिय आईएसआईएस आतंकियों ने छद्म ऑनलाइन पहचान बना कर एक नेटवर्क बनाया है. इसमें आईएसआईएस से संबंधित प्रचार सामग्री को कट्टर बनाने और सदस्यों को आईएसआईएस की तह में भर्ती करने के लिए प्रसारित किया जाता है.
एनआईए के मुताबिक, सोमवार को श्रीनगर और अनंतनाग में सात स्थानों पर एक साथ तलाशी ली गयी. तलाशी अभियान में बड़ी संख्या में आपत्तिजनक दस्तावेजों, मोबाइल फोन, टैबलेट, लैपटॉप, हार्ड डिस्क जैसे डिजिटल उपकरणों के अलावा आईएसआईएस लोगो वाले टी-शर्ट भी बरामद कर जब्त कर लिये गये.
आरोपितों ने अपनी नापाक योजना को अंजाम देने के लिए साइबर स्पेस पर एक संगठित अभियान शुरू किया गया है, जो जमीनी आतंकी वित्तपोषण गतिविधियों का पूरक है. ऑनलाइन प्रचार पत्रिका ‘द वॉयस ऑफ हिंद’ मासिक आधार पर प्रकाशित की जाती है. इसका उद्देश्य अलगाव और सांप्रदायिकता की भावना को भड़का कर प्रभावशाली युवाओं को उकसाना और कट्टरपंथी बनाना है.
