New Parliament House: अब कैंटीन से ऑनलाइन खाना मंगा सकेंगे सांसद, जानें नये संसद भवन में और क्या है खास

New Parliament House: ‘संसद कैफेटेरिया’ मोबाइल ऐप तैयार किया गया है. इस ऐप के माध्यम से सांसद और संसद भवन के कर्मचारी ऑनलाइन ऑर्डर देकर कैंटीन से खाना मंगाने में सक्षम हैं. जानें नये संसद भवन में और क्या है खास

New Parliament House: आज का दिन लोकतंत्र के मंदिर के लिए खास है. जी हां…राज्यसभा और लोकसभा मंगलवार को यानी गणेश चतुर्थी के दिन नये संसद भवन में स्थानांतरित हो चुका है. दोनों सदनों के सदस्य संसदीय कार्यवाही के नये संसद भवन में स्थानांतरित होने से कुछ घंटे पहले एक सामूहिक तस्वीर खिंचवाने के लिए मंगलवार को पुराने संसद भवन के भीतरी प्रांगण में एकत्र हुए जिसका वीडियो भी सामने आया है. लोकसभा बुलेटिन के अनुसार, राज्यसभा और 17वीं लोकसभा के सदस्यों की एक सामूहिक तस्वीर ली गई.

संसद के विशेष सत्र के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज नए संसद भवन में हम सब मिलकर नए भविष्य का श्री गणेश करने जा रहे हैं. आज हम यहां विकसित भारत का संकल्प दोहराना, फिर एक बार संकल्प बद्ध होना और उसका परिपूर्ण करने के लिए जी जान से जुटने के इरादे से नए भवन की तरफ प्रस्थान कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि भारत नई ऊर्जा से भर चुका है. आपको बता दें कि पुराने भवन के ‘सेंट्रल हॉल’ में समारोह के बाद संसदीय कार्यवाही नये भवन में स्थानांतरित हो जाएगी. आइए जानते हैं नये संसद भवन की कुछ खास बातें…

नया संसद भवन आधुनिक सुविधाओं से लैस

अतिभव्य नया संसद भवन की बात करें तो ये आधुनिक सुविधाओं से लैस है. इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी साल 28 मई को किया था. इसकी दीवारों और गलियारों में प्रदर्शित कलाकृतियां वैदिक काल से लेकर आज तक भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं की कहानियां बयां करती नजर आ रहीं हैं. नया संसद भवन पूरी तरह से डिजिटल है. लोकसभा और राज्यसभा के कमरे अत्याधुनिक ऑडियो-विजुअल सिस्टम से लैस हैं. मतदान प्रणाली से लेकर विधायी कार्यवाही तक इसमें डिजिटल होंगे. खास बात ये है कि नये संसद भवन में लोकसभा अध्यक्ष के आसन के पास सेंगोल स्थापित किया गया है.

ऐसा है देश की संसद का नया भवन

-64,500 वर्गमीटर क्षेत्र में संसद का नया भवन बना है.

-एक साथ 1,272 सांसद बैठ सकते हैं

-888 सीट लोकसभा में बनाये गये हैं.

-384 सीट राज्यसभा में बनाये गये हैं.

-इसमें 06 कमरे समिति के लिए तैयार किये गये हैं.

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-मंत्रियों के लिए 92 कमरे हैं.

-नये संसद भवन में 5,000 कलाकृतियां लगी हैं.

-कांस्टीटयूशन हॉल में भारतीय संविधान की डिजिटल प्रति रखी गयी है.

-पृथ्वी के घूर्णन को प्रदर्शित करने के लिए ‘फौकॉल्ट पेंडुलम’ लगा है.

-नये संसद भवन को बनाने के लिए देशभर से सामान लाये गये हैं.

नये संसद भवन में तीन प्रवेश द्वार

नये संसद भवन की बात करें तो इसमें तीन द्वार हैं… ज्ञान, शक्ति और कर्म द्वार….सांसदों और वीवीआइपी के लिए अलग-अलग द्वार तैयार किये गये हैं. सार्वजनिक प्रवेश द्वार तीन दीर्घाओं की ओर जाते हैं. संगीत गैलरी, स्थापत्य गैलरी और शिल्प गैलरी… ये तीनों भारत के विविधताओं को दर्शाने का काम करेंगे.

मोर और कमल से दर्शाया गया है लोकसभा व राज्यसभा को

नये संसद भवन की खास बात ये हैं कि यहां लोकसभा के कक्ष को राष्ट्रीय पक्षी मोर और राज्यसभा के कक्ष को राष्ट्रीय फूल ‘कमल’ से दर्शाया गया है. लोकसभा और राज्यसभा कक्षों में ‘फाल्स सीलिंग’ के लिए स्टील की संरचना केंद्र शासित प्रदेश दमन और दीव से मंगायी गयी है.

विरासत से पूर्ण है नया संसद भवन

नये संसद भवन में तीन औपचारिक अग्रदीर्घाएं हैं, जहां महात्मा गांधी, चाणक्य, गार्गी, सरदार वल्लभभाई पटेल, बीआर आंबेडकर और कोणार्क के सूर्य मंदिर के रथ के पहिये की पीतल की विशाल मूर्तियां प्रदर्शित की गयी हैं.

‘संसद कैफेटेरिया’ में क्या होगा खास

नये संसद भवन की कैंटीन भी अब डिजिटल नजर आने वाली है. दरअसल, भारतीय पर्यटन विकास निगम ने ‘संसद कैफेटेरिया’ मोबाइल ऐप बनाया है. इस ऐप के माध्यम से सांसद और संसद भवन के कर्मचारी ऑनलाइन ऑर्डर देकर कैंटीन से खाना मंगाने में सक्षम हैं. यही नहीं, इस ऐप के जरिये ऑनलाइन पेमेंट भी कर सकते हैं. ‘संसद कैफेटेरिया’ ऐप एंड्रॉयड और एप्पल, दोनों फोन पर उपलब्ध होगा. यूजर्स एंड्रॉयड प्लेस्टोर और एप्पल प्ले स्टोर से इसे डाउनलोड कर सकते हैं.

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लेखक के बारे में

Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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