Nepal Flood: नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए ईशा फाउंडेशन के Sacred Walks समूह के 77 यात्रियों से संपर्क टूटने की खबर ने चिंता बढ़ा दी है. समूह अपनी यात्रा पूरी कर काठमांडू लौट रहा था. आखिरी बार सुबह 9:05 बजे ग्रुप लीडर प्रवीण से बात हुई थी, लेकिन करीब 10 मिनट बाद दोबारा संपर्क नहीं हो सका.
77 यात्री पहुंचे थे इमिग्रेशन सेंटर
ईशा Sacred Walks की कोऑर्डिनेटर मां गंभीरि के मुताबिक यह समूह कैलाश मानसरोवर यात्रा पूरी कर चुका था और तिब्बत इमिग्रेशन पार करने के बाद काठमांडू लौट रहा था. समूह में कुल 77 यात्री थे और सभी इमिग्रेशन सेंटर तक पहुंच चुके थे. इस समूह की अगुवाई प्रवीण कर रहे थे.
सुबह 9:05 बजे आखिरी बार हुई बात
मां गंभीरि ने बताया कि उनकी टीम के एक सदस्य ने सुबह करीब 9:05 बजे प्रवीण से फोन पर बात की थी. उस समय तक हालात सामान्य थे और किसी तरह की परेशानी या खतरे की जानकारी नहीं मिली थी. लेकिन करीब 10 मिनट बाद जब टीम ने दोबारा संपर्क करने की कोशिश की तो न तो प्रवीण और न ही समूह के किसी अन्य सदस्य से बात हो सकी.
अचानक आई बाढ़, नहीं मिली कोई चेतावनी
मां गंभीरि के मुताबिक ऐसा लगता है कि घटना इन्हीं 10 मिनटों के भीतर हुई. उन्होंने कहा कि इससे पहले किसी तरह की चेतावनी या खतरे का संकेत नहीं था. उनके अनुसार बातचीत के समय सब कुछ सामान्य था और किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर में हालात इतने तेजी से बदल जाएंगे.
अचानक आ गई बाढ़, देखें वीडियो
संचार व्यवस्था ठप, अधिकारियों से अपडेट का इंतजार
बाढ़ के बाद इलाके में संचार व्यवस्था ठप हो गई. इस कारण जमीन पर मौजूद लोगों से संपर्क टूट गया है. ईशा फाउंडेशन फिलहाल स्थानीय अधिकारियों से जानकारी मिलने का इंतजार कर रहा है. मां गंभीरि ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही यात्रियों और वॉलंटियरों के बारे में कोई जानकारी मिलेगी.
इस साल 21 समूह कर रहे कैलाश यात्रा
मां गंभीरि ने बताया कि इस साल Sacred Walks के कुल 21 समूह कैलाश मानसरोवर यात्रा कर रहे हैं. इनमें कई समूह अपनी यात्रा पूरी कर चुके हैं, कुछ रास्ते में हैं और कुछ की यात्रा अभी शुरू होनी है.
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