NEET-UG 2026 Paper Leak: नीट- यूजी 2026 परीक्षा पेपर लीक मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है. इस मामले में नासिक से गिरफ्तार आरोपी शुभम खैरनार को मुंबई की किला कोर्ट ने दो दिन की ट्रांजिट रिमांड पर भेज दिया है. कोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को उसे आगे की पूछताछ के लिए दिल्ली ले जाने की अनुमति भी दे दी है. CBI ने कोर्ट में कहा था कि मामले में अन्य आरोपियों का पता लगाने और पेपर लीक नेटवर्क की गहराई से जांच करने के लिए शुभम खैरनार की हिरासत जरूरी है. अब CBI अब इस मामले में जुड़े अन्य आरोपियों और पूरे नेटवर्क की तलाश में जुटी हुई है.
पुणे से महिला आरोपी भी गिरफ्तार
खैरनार को महाराष्ट्र के नासिक स्थित इंदिरा नगर इलाके से गिरफ्तार किया गया था. अब उसे गुरुवार (14 मई) को दिल्ली की CBI कोर्ट में पेश किया जाएगा. जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पेपर लीक का नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे. नीट पेपर लीक मामले में पुलिस ने पुणे से एक महिला आरोपी को भी गिरफ्तार किया है. महिला को बिबवेवाड़ी इलाके से हिरासत में लिया गया. पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने बताया कि महिला फिलहाल CBI की कस्टडी में है और उससे पूछताछ की जा रही है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी की भूमिका पेपर लीक और उसके प्रसार में कितनी बड़ी थी.
केरल के छात्र से राजस्थान के सीकर तक पहुंचा गेस पेपर
राजस्थान पुलिस के विशेष अभियान समूह (SOG) ने जांच में बड़ा खुलासा किया है. SOG के अनुसार, NEET-UG 2026 परीक्षा में पूछे गए सवालों से मिलता-जुलता गेस पेपर मूल रूप से केरल के एक छात्र से राजस्थान के सीकर पहुंचे छात्रों तक पहुंचा था. एसओजी के महानिरीक्षक अजय पाल लांबा ने बताया कि केरल में MBBS की पढ़ाई कर रहे एक छात्र को यह सामग्री उसके दोस्त से मिली थी. बाद में उसने इसे अपने दोस्तों और एक हॉस्टल मालिक के साथ शेयर किया. इसके बाद यह दस्तावेज सीकर में कोचिंग कर रहे कई छात्रों तक पहुंच गया और फिर 3 मई को परीक्षा से पहले जयपुर और आसपास के इलाकों के अभ्यर्थियों तक फैल गया.
परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों का देश भर में प्रदर्शन
नीट परीक्षा रद्द होने के बाद देशभर में छात्रों और छात्र संगठनों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दे रहा है. नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) समेत कई छात्र संगठनों ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, केरल और अन्य राज्यों में प्रदर्शन किया. छात्रों का कहना है कि पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है.
जम्मू में कांग्रेस का प्रदर्शन
पेपर लीक मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं. कांग्रेस की जम्मू-कश्मीर इकाई ने बुधवार को केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि प्रश्नपत्र लीक में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जाए.
कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और JPC जांच की मांग की
कांग्रेस ने NEET-UG परीक्षा रद्द होने को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तत्काल इस्तीफे की मांग की है. कांग्रेस ने साथ ही पेपर लीक मामले की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (JPC) गठित करने की मांग भी उठाई है. भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब और NSUI अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा कि सरकार को परीक्षा रद्द होने से प्रभावित छात्रों को उचित मुआवजा देना चाहिए. उदय भानु चिब ने कहा- नीट पेपर लीक एक बड़ा मुद्दा है. पिछले 10 सालों में 89 पेपर लीक हुए हैं और 48 बार दोबारा परीक्षाएं करानी पड़ी हैं. इससे साफ है कि सरकार छात्रों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रही है.
पिनराई विजयन ने NTA को भंग करने की मांग की
केरल के निवर्तमान मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने भी NEET प्रश्नपत्र लीक मामले को बेहद गंभीर और निंदनीय बताया है. उन्होंने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को भंग करने की मांग करते हुए कहा कि बार-बार सामने आ रही अनियमितताएं लाखों छात्रों के भविष्य और आत्मविश्वास को कमजोर कर रही हैं. विजयन ने कहा कि छात्र सालों तक कठिन मेहनत और उम्मीद के साथ परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं उनकी मेहनत और सपनों को नुकसान पहुंचाती हैं.
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