NEET UG 2024: कांग्रेस बोली- मोदी सरकार के कारनामों से 24 लाख छात्रों का भविष्य दांव पर, प्रधान ने दिया करारा जवाब

NEET UG 2024: नीट यूजी पर विवाद जारी है. हालांकि केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि एमबीबीएस और ऐसे अन्य पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए परीक्षा देने वाले 1,563 अभ्यर्थियों को दिए गए ग्रेस मार्क्स रद्द कर दिए हैं. इस बीच विवाद को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है.

NEET UG 2024: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने NEET UG 2024 पर जारी विवाद में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाया और एक्स पर लंबा चौड़ा पोस्ट डाला. हालांकि खरगे के पोस्ट पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने करारा जवाब दिया है.

खरगे ने क्या किया ट्वीट

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ट्वीट किया और लिखा, NEET परीक्षा में केवल ग्रेस मार्क्स की समस्या नहीं थी. धांधली हुई है, पेपर लीक हुए हैं, भ्रष्टाचार हुआ है. उन्होंने आगे लिखा, NEET परीक्षा में बैठे 24 लाख छात्र-छात्राओं का भविष्य मोदी सरकार के कारनामों से दांव पर लग गया है. उन्होंने भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए लिखा, परीक्षा केंद्र और कोचिंग सेंटर का एक गठजोड़ बन चुका है, जिसमें पैसे दो-पेपर लो का खेल खेला जा रहा है. उन्होंने मोदी सरकार पर हमला जारी रखते हुए कहा, मोदी सरकार NTA के कंधों पर अपनी कारगुजारियों का दारोमदार रखकर, अपनी जवाबदेही से पीछा नहीं छुड़ा सकती. उन्होंने जांच की मांग करते हुए आगे लिखा, पूरे NEET घोटाले में कांग्रेस पार्टी सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक निष्पक्ष जाँच की मांग करती है. जांच के बाद दोषियों को कड़ी-से कड़ी सजा दी जाए और लाखों छात्र-छात्राओं को मुआवजा देकर उनका साल बर्बाद होने से बचाया जाए. पिछले 10 वर्षों में मोदी सरकार ने पेपर लीक और धांधली से करोड़ों युवाओं का भविष्य बर्बाद किया है.

खरगे को धर्मेंद्र प्रधान ने दिया करारा जवाब

मल्लिकार्जुन खरगे के ट्वीट का करारा जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक्स पर पोस्ट डाला. उन्होंने लिखा, NEET परीक्षा मामले में NTA माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए उचित कार्यवाही करने को कटिबद्ध है. माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार 1563 विद्यार्थियों की परीक्षा दोबारा करायी जायेगी. प्रधान ने भ्रष्टाचार और धांधली के सभी आरोपों को खारिज कर दिया और लिखा, NEET परीक्षा में किसी प्रकार की धांधली, भ्रष्टाचार या पेपर लीक की कोई भी पुख्ता सबूत अभी तक सामने नहीं आया है. इससे संबंधित सारे तथ्य सुप्रीम कोर्ट के सामने हैं और विचाराधीन हैं. मैं कांग्रेस को ये याद दिलाना चाहता हूं की पेपर लीक रोकने और नकल विहीन परीक्षा के लिए केंद्र सरकार ने इसी साल Public Examination (Prevention of Unfair Means) Act पारित किया है जिसमें कई कड़े प्रावधान हैं. कांग्रेस इस गलतफ़हमी में ना रहे कि कोई भी गठजोड़ पाया जाएगा तो उस पर कार्यवाही नहीं होगी. इस Act के प्रावधानों को बहुत बारीकी से अमल में लाया जाएगा. उन्होंने आगे लिखा, छात्रों के भविष्य पर राजनीति करना कांग्रेस की पुरानी आदत है. राजनीतिक रोटियां सेकने के बजाय कांग्रेस को भारत के विकास में योगदान देना चाहिए.

कांग्रेस ओछी राजनीति के लिए देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही : प्रधान

धर्मेंद्र प्रधान ने आगे लिखा, इस मुद्दे पर जिस तरह की राजनीति की जा रही है, वह केवल भ्रम फैलाने की कोशिश है और इससे विद्यार्थियों के मानसिक शांति पर असर पड़ता है. वर्तमान में NEET की काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होने जा रही है और इसे राजनीतिक आखेट का विषय बनाना न केवल अनुचित है बल्कि यह भावी पीढ़ी के साथ खिलवाड़ करने जैसा है. केंद्र सरकार का ध्यान हमेशा छात्रों का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करने पर है. विपक्ष मुद्दाविहीन है, ऐसे संवेदनशील मुद्दे पर विपक्ष बिना तथ्य जाने सिर्फ झूठ फैला रहा है. कांग्रेस अपनी ओछी राजनीति के लिए देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है.

क्या है मामला

दरअसल NEET परीक्षा पांच मई को 4,750 केंद्रों पर आयोजित की गई थी और इसमें लगभग 24 लाख उम्मीदवारों ने भाग लिया था. परिणाम 14 जून को घोषित होने की उम्मीद थी, लेकिन उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पहले पूरा हो जाने के कारण इसे चार जून को ही घोषित कर दिया गया. रिजल्ट में 67 छात्रों को एक जैसे 720 अंक दिए गए. जिनमें हरियाणा के फरीदाबाद के एक ही केंद्र के छह छात्र शामिल हैं. इसके बाद परीक्षा को लेकर संदेह पैदा हो गया है. जिसके बाद कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए और सात हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में मामले दायर किए गए. कथित अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर 10 जून को दिल्ली में बड़ी संख्या में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया.

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By Arbindkumar mishra

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