Naxal Encounter : कांकेर में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में एक महिला नक्सली मारी गई. यह घटना सरकार द्वारा राज्य को माओवादी मुक्त घोषित करने के 12 दिन बाद हुई. एसपी निखिल राखेचा के मुताबिक, छोटेबेठिया-परतापुर इलाके के जंगलों में नक्सलियों की सूचना पर पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चलाया. इस दौरान यह मुठभेड़ हुई.
महिला नक्सली के शव की हुई पहचान
निखिल राखेचा ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान माचपल्ली इलाके में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई. इसके बाद मौके से एक महिला नक्सली का शव मिला, जिसकी पहचान एरिया कमेटी सदस्य रूपी के रूप में हुई. उन्होंने बताया कि रूपी, दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएसजेडसी) सदस्य विजय रेड्डी की पत्नी थी, जिसकी 2025 में एक मुठभेड़ में मौत हो गई थी.
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राखेचा ने बताया कि मुठभेड़ में मारी गई रूपी बस्तर क्षेत्र में सक्रिय अंतिम तेलुगू माओवादी कैडर थी. घटनास्थल से शव के अलावा एक पिस्तौल, गोला-बारूद तथा अन्य सामान बरामद किया गया है. आसपास के क्षेत्र में पुलिस बल और अन्य सुरक्षा बलों द्वारा सर्च अभियान जारी है.
बड़ी संख्या में माओवादियों ने पुनर्वास का रास्ता चुना
बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (Inspector General of Police) सुंदरराज पट्टलिंगम ने कहा कि सरकार माओवादियों से लगातार आत्मसमर्पण करने की अपील कर रही है. उन्हें पुनर्वास का अवसर दिया जा रहा है. इसके प्रभाव से ही पिछले कुछ महीनों में बड़ी संख्या में माओवादियों ने पुनर्वास का रास्ता चुना, लेकिन रूपी जैसे कुछ कैडरों ने पुनर्वास के रास्ते को छोड़कर हिंसात्मक रास्ता अपनाया. इसका परिणाम आज उनके अंत के रूप में सामने आया है.
