पंजाब कांग्रेस विवाद को लेकर लंबे समय से चुप रहे नवजोत सिंह सिद्धू ने सोशल मीडिया ट्विटर पर अपनी चुप्पी तोड़ दी है. उन्होंने कांग्रेस के साथ अपने रिश्ते को लेकर एक तस्वीर भी साझा की है जिसमें उनके पिता सरदार भगवंत सिंह जवाहर लाल नेहरु के साथ हैं. इस तस्वीर के साथ उन्होंने कांग्रेस के साथ अपने रिश्ते को समझाया है.
उन्होंने ट्वीट कर लिखा, मेरे पिता ने समृद्धि, विशेषाधिकार और आजादी कुछ लोगों के लिए नहीं बल्कि सभी के लिए चाहते थे. उन्होंने शाही परिवार छोड़कर कांग्रेस के एक कार्यकर्ता के रूप में स्वतंत्रता संग्राम में शामिल हो गये. देशभक्ति के लिए उन्हें मौत की सजा सुनायी गयी.
एक के बाद एक कई ट्वीट में उन्होंने आगे लिखा है, उनके इसी सपने को आगे ले जाने उनके इस सपने को मजबूत करने के लिए काम करूंगा. मैं शुक्रगुजार हूं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी जी का उन्होंने मुझे यह जिम्मेदारी सौंपी है.
हम कांग्रेस के हर एक सदस्य के साथ काम करेंगे औऱ हमारा मिशन है जीतेंगे पंजाब ( #JittegaPunjab ) हम लोगों को पावर देंगे और केंद्र के 18 एजेंडा पर काम करेंगे. मेरे सफर की अभी तो शुरुआत हुई है.
इस पूरे ट्वीट में उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह का जिक्र नहीं किया. लंबे समय से चल रहा पंजाब कांग्रेस का विवाद अब एक बड़े फैसले पर खड़ा है, क्या यह विवाद थमेगा या आगे बढ़ेगा इसका जवाब तो सिर्फ वक्त के पास है लेकिन फिलहाल पंजाब में कांग्रेस की उठापटक अब कमजोर पड़ती नजर आ रही है.
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पंजाब में कांग्रेस के अध्यक्ष की कमान संभालने के बाद पहली प्रतिक्रिया दी है. लंबे समय से वह चुप थे और मीडिया से दूरी बनाकर चल रहे थे. अध्यक्ष पद को लेकर जब उनका नाम सार्वजनिक किया गया उसके बाद भी उन्होंने लंबे समय तक चुप्पी साधे रखी.
