पीएम मोदी ने कहा-जीवन का प्रत्येक क्षण संविधान में निहित मूल्यों को बनाए रखने के लिए समर्पित

पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा है कि यह संविधान की ताकत है कि एक गरीब और पिछड़े परिवार का बेटा देश की सेवा में सक्षम है.

Narendra Modi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट डाला है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि मेरे जीवन का प्रत्येक क्षण डाॅ बाबा साहेब अंबेडकर द्वारा दिए गए भारत के संविधान में निहित महान मूल्यों को बनाए रखने के लिए समर्पित है. उन्होंने आगे लिखा है कि यह संविधान की ही ताकत है कि मेरे जैसा गरीब और पिछड़े परिवार में पैदा हुआ व्यक्ति प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंचा है और देश की सेवा करने में सक्षम है. हमारा संविधान करोड़ों लोगों को आशा, शक्ति और सम्मान देता है.

संविधान को माथे से लगाया

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एनडीए संसदीय दल का नेता चुना गया है. एनडीए संसदीय दल की बैठक पुराने संसद भवन के सेंट्रल हाॅल में आयोजित की गई थी, जहां पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले संविधान को माथे पर लगाकर प्रणाम किया था. अपने एक्स पोस्ट में पीएम मोदी ने यह तस्वीर भी शेयर की है. शुक्रवार को एनडीए के विभिन्न घटक दलों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अपनी आस्था जताई और उन्हें समर्थन देने का वादा किया. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तो यहां तक कहा कि हम पूरे समय आपके साथ रहेंगे. मैं तो यह चाहता था कि आप आज ही शपथ लें, लेकिन आप नौ तारीख को लेना चाहते हैं, चलिए हम इसमें भी आपके साथ हैं.

एनडीए में विश्वास है

संसदीय दल का नेता चुने जाने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि एनडीए गठबंधन में आपसी विश्वास बहुत मजबूत है और यही हमारी ताकत है. उन्होंने कहा कि हम नेशन फर्स्ट के सिद्धांत पर काम करेंगे और सबको साथ लेकर चलेंगे. पीएम मोदी ने कहा कि हम मध्यम वर्ग को मजबूत करेंगे और सर्वधर्म सद्‌भाव के सिद्धांत पर काम करेंगे . हमारा उद्देश्य भारत को वैश्विक स्तर पर लीडर बनाना है.

Also Read : नरेंद्र मोदी ने कहा- एनडीए नेशन फर्स्ट और सर्वधर्म समभाव के सिद्धांत पर काम करेगा, हर गारंटी को पूरा करेंगे

ADR Report: झारखंड के 93 फीसदी सांसद हैं करोड़पति, सिर्फ कालीचरण मुंडा नहीं हैं इस लिस्ट में

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >