केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने शुक्रवार को देश में H1N1 इन्फ्लुएंजा की स्थिति और इससे निपटने की तैयारियों की समीक्षा की. बैठक में दिल्ली की स्थिति पर खास ध्यान दिया गया. नड्डा ने सतर्क रहने और निगरानी मजबूत रखने पर जोर दिया. बैठक में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह भी शामिल हुए.
H1N1 के मामलों पर रखी जा रही नजर
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, नड्डा ने देश में एच1एन1 की स्थिति, इन्फ्लुएंजा जैसे लक्षणों और गंभीर सांस की बीमारी के मामलों में हो रहे बदलाव की समीक्षा की. इसके साथ ही जांच, लैब निगरानी और मरीजों के इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्रों की तैयारियों का भी जायजा लिया गया.
उन्होंने H1N1 के मामलों पर लगातार नजर रखने और पहले से तैयारी रखने को कहा, ताकि मरीजों की जल्द पहचान हो सके और उन्हें समय पर इलाज मिल सके.
दिल्ली के अस्पतालों की भी हुई समीक्षा
बैठक में दिल्ली के स्वास्थ्य केंद्रों की तैयारियों को भी देखा गया. अस्पतालों में कितने बिस्तर उपलब्ध हैं, गंभीर मरीजों के इलाज की क्या व्यवस्था है और इलाज के लिए जरूरी सामान पर्याप्त मात्रा में है या नहीं, इसकी जानकारी ली गई.
गंभीर लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से मिलें
केंद्रीय मंत्री ने लोगों को बीमारी से बचने के उपाय अपनाने और जागरूक रहने की जरूरत बताई. उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को लगातार या गंभीर सांस संबंधी परेशानी, सांस लेने में दिक्कत या कोई दूसरा गंभीर लक्षण दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.
राज्यों के साथ मिलकर काम कर रहा मंत्रालय
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. मंत्रालय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, अस्पतालों, प्रयोगशालाओं और दूसरे संबंधित विभागों के साथ मिलकर निगरानी और तैयारियों को मजबूत कर रहा है.
Also read : पैलेट गन मामले में FIR को लेकर राहुल गांधी का धरना, बोले- 'ऊपर से आदेश' की बात कह रही पुलिस
आम तौर पर ‘स्वाइन फ्लू’ के नाम से जाना जाने वाला एच1एन1 इन्फ्लुएंजा वायरस मौसमी सांस की बीमारी का कारण बन सकता है. इसके लक्षणों में बुखार, खांसी और गले में खराश शामिल हैं. कुछ संवेदनशील लोगों में इससे सांस से जुड़ी गंभीर परेशानी भी हो सकती है.
