मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर लगा था महाजाम, उद्योगपति ने हवा में बनाया रास्ता, देखते रहे गए लोग

Mumbai Pune Expressway Jam: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर खंडाला घाट खंड में एक गैस टैंकर पलटने के बाद 32 घंटे तक महाजाम लगा रहा. सैकड़ों वाहन एक्सप्रेस वे पर फंस गए. इस जाम में फंसे लोगों में उद्योगपति और पिनेकल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सुधीर मेहता भी शामिल थे. जाम न खुलता देख उन्हें हेलीकॉप्टर से एयरलिफ्ट किया गया.

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर एक गैस टैंकर के पलट जाने से भारी जाम लग गया. हजारों लोग जाम में फंसकर दो चार होते रहे. इस महाजाम में पुणे के जाने माने उद्योगपति सुधीर मेहता भी फंस गए थे. एक दो नहीं पूरे 8 घंटे वो जाम में फंसे रहे. इसके बाद उन्होंने जो काम किया उसे वहां मौजूद भीड़ देखते रह गई. सुधीर मेहता ने एक हेलीकॉप्टर मंगवाया और किसी तरह जाम से निकले. मंगलवार शाम को टैंकर हादसे के कारण यात्री एक्सप्रेस वे पर 30 घंटे से अधिक समय तक फंसे रहे क्योंकि पलटे हुए वाहन से अत्यधिक ज्वलनशील गैस का रिसाव हो रहा था. सुरक्षा कारणों से पुलिस ने यातायात को रोक दिया गया था.

सुधीर मेहता ने सोशल मीडिया पर किया पोस्ट

पिनैकल इंडस्ट्रीज एंड ईकेए मोबिलिटी के चेयरमैन सुधीर मेहता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में जाम का जिक्र करते हुए लिखा कि आठ घंटे तक फंसे रहने के बाद वह बुधवार को हेलीकॉप्टर से पुणे वापस लौटे. उन्होंने एक्सप्रेसवे पर लगे भारी ट्रैफिक जाम की कुछ हवाई तस्वीरें भी शेयर की हैं. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा “बीते 18 घंटों से लाखों लोग मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर फंसे हुए हैं ऐसी आपात स्थितियों के लिए हमें एक्सप्रेसवे पर अलग-अलग जगहों पर निकास मार्ग बनाने की जरूरत है, जिन्हें वाहनों को वापस लौटने के लिए खोला जा सके”. उन्होंने सुझाव दिया कि हेलीपैड बनाने में 10 लाख रुपये से कम लागत आती है और इसके लिए एक एकड़ से भी कम जमीन की जरूरत होती है. उन्होंने कहा कि आपातकालीन निकासी के लिए एक्सप्रेसवे के पास विभिन्न स्थानों पर इन्हें अनिवार्य बनाया जाना चाहिए.

33 घंटे बाद खुला जाम

खंडाला घाट खंड में एक टैंकर पलटने के कारण जाम लग गया था. टैंकर में अति ज्वलनशील पदार्थ था, ऐसे में सुरक्षा कारणों से ट्रैफिक को रोक दिया गया. 32 घंटे तक लोग जाम से दो चार होते रहे. काफी मशक्कत के बाद 33 घंटे के बाद बुधवार देर रात को मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के मुंबई की ओर जाने वाले रास्ते को फिर से बहाल किया जा सका.

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Published by: Pritish Sahay

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