MP Weather : मध्य प्रदेश में बारिश का दौर अभी थमने वाला नहीं है. प्रदेश में अगले तीन दिनों यानी 10, 11 और 12 सितंबर को कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है. बंगाल की खाड़ी में बनने वाला कम दबाव का क्षेत्र मध्य भारत के मौसम को प्रभावित कर सकता है. IMD के ताजा अपडेट में मध्य प्रदेश समेत मध्य और पूर्वी भारत में बारिश की गतिविधियां जारी रहने के संकेत हैं.
प्रदेश में कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश हो सकती है. कुछ इलाकों में तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की स्थिति भी बन सकती है.
10 सितंबर को MP में कैसा रहेगा मौसम?
10 सितंबर को मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहने और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. पूर्वी और मध्य MP में बारिश का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है.
भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा, सागर और आसपास के इलाकों में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है. हालांकि, बारिश की तीव्रता जिले और स्थानीय मौसम प्रणाली के अनुसार अलग-अलग रह सकती है.
10 सितंबर के मौसम को लेकर MP उन राज्यों में शामिल है जहां बारिश और गरज-चमक की गतिविधियों की संभावना बताई गई है.
11 सितंबर को फिर बढ़ सकती है बारिश
11 सितंबर को भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है. बंगाल की खाड़ी में बनने वाले सिस्टम का प्रभाव मध्य भारत तक पहुंचने की संभावना है.
जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर, भोपाल, नर्मदापुरम, इंदौर और उज्जैन संभाग के कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है.
पूर्वी मध्य प्रदेश के इलाकों में बारिश की गतिविधि अपेक्षाकृत ज्यादा रहने की संभावना बन सकती है.
12 सितंबर को भी राहत के आसार कम
12 सितंबर को भी मध्य प्रदेश में मानसून सक्रिय रहने का अनुमान है. कई जिलों में बादल और बारिश का मौसम बना रह सकता है.
बारिश की गतिविधियों के बीच तापमान में भी कुछ गिरावट देखने को मिल सकती है. हालांकि, बारिश के बीच उमस और धूप निकलने के बाद गर्मी का असर कुछ स्थानों पर बना रह सकता है.
10 से 12 सितंबर तक MP का मौसम
| तारीख | MP में मौसम | संभावित असर |
| 10 सितंबर | 🌦️ कई जगह बारिश | गरज-चमक, स्थानीय रूप से तेज बारिश |
| 11 सितंबर | 🌧️ बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं | कुछ इलाकों में भारी बारिश |
| 12 सितंबर | 🌦️ बारिश जारी रहने का अनुमान | बादल, गरज-चमक और बौछारें |
इन जिलों के लोगों को खास नजर रखनी होगी
अगले तीन दिनों में रीवा, सतना, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, जबलपुर, कटनी, मंडला, डिंडोरी, सागर, दमोह, छतरपुर, पन्ना और टीकमगढ़ जैसे पूर्वी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में मौसम पर नजर रखना जरूरी होगा.
वहीं भोपाल, रायसेन, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल, इंदौर, देवास, उज्जैन, धार और आसपास के जिलों में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं.
यह ध्यान रखना जरूरी है कि जिलेवार बारिश की तीव्रता में बदलाव हो सकता है. इसलिए स्थानीय IMD चेतावनी को प्राथमिकता देना बेहतर होगा.
किसानों के लिए जरूरी खबर
MP में सोयाबीन समेत खरीफ फसलों के लिए बारिश महत्वपूर्ण है. लेकिन लगातार तेज बारिश होने पर खेतों में पानी जमा होने की समस्या भी हो सकती है.
किसानों को खेतों में जल निकासी की व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए. वहीं आकाशीय बिजली और तेज हवा के दौरान खेतों में काम करने से बचना चाहिए.
11 सितंबर के बाद क्यों महत्वपूर्ण है मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बनने वाला कम दबाव का क्षेत्र आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है. इसके कारण पूर्वी भारत के साथ मध्य भारत में भी मौसम सक्रिय रहने की संभावना है.
यानी MP के लोगों के लिए अगले तीन दिन बारिश के लिहाज से अहम रहने वाले हैं. अगर आप यात्रा की तैयारी कर रहे हैं या खेती से जुड़ा काम करना है तो अपने जिले का ताजा मौसम अपडेट जरूर देख लें.
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