अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बढ़ा मानसून, IMD ने बताया कब और कहां हो सकती है बारिश

Monsoon Tracker: केरल में मानसून 26 मई दस्तक देने वाला था, लेकिन अब भी इंतजार जारी है. इस बीच मौसम विभाग ने बताया- मानसून दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व अरब सागर के कुछ अन्य हिस्सों, लक्षद्वीप क्षेत्र और बंगाल की खाड़ी में और आगे बढ़ गया है.

Monsoon Tracker: आईएमडी के तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 27 मई से 29 मई 2026 के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है. उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत और पूर्वी भारत में 28 मई से 30 मई के दौरान 70 किमी प्रति घंटे तक की तेज़ हवाओं के साथ मध्यम से गंभीर गरज-चमक वाली आंधी आने की संभावना है.

केरल में चार दिन बाद दस्तक दे सकता है मानसून

आईएमडी ने पहले अनुमान जताया था कि मानसून 26 मई को केरल पहुंच जाएगा. हालांकि अब उम्मीद की जा रही है कि राज्य में इसकी दस्तक में चार या उससे देरी हो सकती है. केरल में मानसून का आगमन आम तौर पर एक जून के आसपास होता है. इसी के साथ देश में मानसूनी बारिश के मौसम (जून से सितंबर तक) की शुरुआत हो जाती है. आईएमडी के मुताबिक, पिछले साल मानसून ने 24 मई को केरल में दस्तक दी थी.

मानसून के बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थिति : आईएमडी

आईएमडी के अनुसार अगले दो-तीन दिन के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के दक्षिण-पश्चिम एवं दक्षिण-पूर्व अरब सागर के कुछ और हिस्सों, लक्षद्वीप क्षेत्र, दक्षिण-पश्चिम, पूर्व-मध्य एवं पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी, दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के बाकी हिस्सों और उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में और आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं.

भारत में 70 फीसदी से अधिक सालाना बारिश मानसून में होगी है

भारत में 70 फीसदी से अधिक सालाना बारिश मानसून के महीनों में होती है, जिसके मद्देनजर इस मौसम को कृषि, पेयजल आपूर्ति, पनबिजली परियोजनाओं में बिजली उत्पादन और भूजल पुनर्भरण के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है.

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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