मानसून सत्र से पहले सांसदों को सख्त संदेश, संसद परिसर में धरना, तख्तियां और धार्मिक अनुष्ठान पर रोक

Lok Sabha Secretariat : लोकसभा सचिवालय ने 20 जुलाई से शुरू होने वाले मानसून सत्र से पहले सभी सांसदों के लिए विस्तृत परामर्श जारी किया है. इसमें संसद भवन परिसर में धरना, प्रदर्शन, नारेबाजी और हथियार लाने पर रोक लगाई गई है. स्मार्ट वॉच और स्मार्ट चश्मों के दुरुपयोग को लेकर भी चेतावनी दी गई है.

Lok Sabha Secretariat : संसद के 20 जुलाई से शुरू होने वाले मानसून सत्र से पहले लोकसभा सचिवालय ने सभी सांसदों के लिए विस्तृत परामर्श जारी किया है. पीटीआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इसमें संसद भवन परिसर में धरना, प्रदर्शन, नारेबाजी, तख्तियां लहराने, धार्मिक अनुष्ठान करने और किसी भी तरह के हथियार लेकर आने से बचने की सलाह दी गई है. सचिवालय ने कहा है कि इन गतिविधियों से संसद की कार्यवाही और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होती है. मानसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा.

स्मार्ट वॉच और स्मार्ट चश्मों को लेकर भी चेतावनी

लोकसभा सचिवालय ने सांसदों से अपील की है कि वे संसद परिसर में स्मार्ट वॉच और स्मार्ट चश्मों का ऐसा उपयोग न करें जिससे किसी सांसद की सुरक्षा, विशेषाधिकार या निजता पर असर पड़े. साथ ही एआई से तैयार किए गए चित्रों, आपत्तिजनक नारों, पोस्टरों और बैनरों के प्रदर्शन से भी बचने को कहा गया है.

प्रवेश द्वारों पर प्रदर्शन नहीं करने की अपील

सचिवालय ने स्पष्ट किया है कि संसद भवन के प्रवेश द्वारों के सामने किसी भी तरह का धरना या प्रदर्शन न किया जाए. ऐसा होने पर सांसदों की आवाजाही बाधित होती है और सुरक्षा व्यवस्था पर भी असर पड़ता है. लोकसभा अध्यक्ष के निर्देश 124ए(2) का हवाला देते हुए कहा गया है कि सभी प्रवेश मार्ग हर समय अवरोधमुक्त रहना जरूरी है.

हथियार और प्रदर्शन सामग्री पर सख्त रोक

लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि संसद परिसर में बैनर, तख्तियां, लाठियां, भाले, तलवारें, डंडे या किसी भी प्रकार के शस्त्र लाने की अनुमति नहीं होगी. सचिवालय ने सांसदों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि संसद परिसर केवल संसदीय कार्यों के लिए है, न कि प्रदर्शन, अनशन, हड़ताल या धार्मिक आयोजनों के लिए है.

पिछले सत्रों के अनुभव के बाद सख्ती

बीते वर्षों में विपक्षी दलों के प्रदर्शन, नारेबाजी और तख्तियां दिखाने के कारण संसद की कार्यवाही कई बार बाधित हुई थी. पिछले बजट सत्र में निलंबित सांसदों ने संसद के प्रवेश द्वार पर कई दिनों तक विरोध प्रदर्शन भी किया था. इन्हीं अनुभवों को देखते हुए इस बार सचिवालय ने पहले ही स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर सभी सांसदों से नियमों का पालन करने और सुचारु संसदीय कार्यवाही में सहयोग देने का आग्रह किया है.

यह भी पढ़ें- ग्राहम स्टेंस हत्याकांड, दारा सिंह की समय पूर्व रिहाई पर 19 अगस्त तक टला फैसला


प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Satyendra Giri

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >