Monsoon Tracker: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की वैज्ञानिक नीता के गोपाल ने न्यूए एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में कहा, मानसून की स्थिति धीरे-धीरे बेहतर हो रही है, क्योंकि केरल के तट पर पछुआ हवाएं चलने लगी हैं. हालांकि, अरब सागर के ऊपर, केरल तट के पास ऊपरी वायुमंडल में बना एक चक्रवाती परिसंचरण पूरी तरह से पछुआ हवाओं को स्थापित होने से रोक रहा है और बारिश के वितरण को प्रभावित कर रहा है; जिसके चलते मध्य और दक्षिणी जिलों में उत्तरी केरल की तुलना में ज्यादा बारिश हो रही है. इस चक्रवाती परिसंचरण के 2 दिनों में पश्चिम की ओर बढ़ने की उम्मीद है, जिससे 1 जून से बारिश में सुधार होगा, और 2, 3 तथा 4 जून को स्थितियां और भी अनुकूल हो जाएंगी.
3 से 4 दिनों के भीतर मानसून के आगमन की हो सकती है घोषणा
आईएमडी के वैज्ञानिक ने बताया- यदि बारिश और हवा से जुड़े मापदंड IMD की शर्तों को पूरा करते हैं, तो 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून के आगमन की घोषणा की जा सकती है. लंबी अवधि के पूर्वानुमानों के अनुसार, जून महीने में और पूरे मानसून के मौसम के दौरान (केरल सहित) भारत में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान है. दक्षिणी और मध्य जिलों में ज्यादातर दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किए गए हैं, जहा बारिश की मात्रा 12 सेंटीमीटर से कम रहने की उम्मीद है.
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