Ministry of External Affairs : भारत के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को अमेरिकी दूतावास के प्रभारी जेसन मीक्स को तलब किया और ओमान तट के पास कमर्शियल जहाजों पर अमेरिकी नौसेना के हमलों के खिलाफ विरोध जताया. अमेरिकी नौसेना के इस हमले में तीन भारतीयों को मौत हुई है. भारत ने इस सप्ताह दूसरी बार अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी को तलब किया है.
तीन भारतीयों की हुई है मौत
सरकार ने 11 जून को यह जानकारी दी थी कि ओमान तट के पास 10 जून को तेल टैंकर सेटेबेलो (Settebello) पर हमला हुआ था. उस जहाज पर 24 भारतीय नाविक सवार थे. इनमें से 21 नाविकों को बचा लिया गया था, जबकि तीन लापता थे. इन तीनों के लापता होने के बाद अमेरिकी दूतावास के प्रभारी जेसन मीक्स को तलब कर भारत की ओर से कड़ा विरोध दर्ज कराया गया था. भारत ने कहा कि व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना बंद होना चाहिए और समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए. यह पहली बार था जब भारत ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि अमेरिकी नौसेना ने भारतीय चालक दल वाले जहाजों को निशाना बनाया था. तीनों लापता नाविकों की मौत की पुष्टि हो गई है.
सेटेबेलो, मैरीवेक्स और जलवीर पर अमेरिकी नौसेना ने किया हमला
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बृहस्पतिवार को कहा कि मैरीवेक्स ,सेटेबेलो और जलवीर पर हमले अमेरिकी नौसेना की ओर से किए गए थे. मैरीवेक्स पर हमला 8 जून 2026 को हुआ था. इस जहाज पर 24 भारतीय चालक दल के सदस्य थे. इसपर अमेरिकी नौसेना ने हमले की कार्रवाई की थी, भारत ने उस समय चिंता जताई, लेकिन मामला ज्यादा नहीं बढ़ा. उसके बाद 10 जून 2026 को ओमान तट के पास तेल टैंकर सेटेबेलो पर हमला हुआ. इस जहाज पर भी 24 भारतीय थे, जिनमें से 21 सुरक्षित बचे और 3 की मौत हो गई. 11-12 जून 2026 की रात को जलवीर पर हमला हुआ. यह हमला भी ओमान तट पर हुआ. जहाज पर 20 भारतीय थे और सभी सुरक्षित हैं.
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