Video : मंत्री जी को आया इतना गुस्सा, फेंक दिया गुलदस्ता

Video : आंध्र प्रदेश में एक मंत्री ने गुस्से में आकर फूलों का बुके फेंक दिया. घटना का वीडियो सामने आया है. मंत्री ने जिलाधिकारी (DM) से पूछा था कि कितने गैस सिलेंडर फ्री बांटे गए, लेकिन जब जवाब नहीं मिला तो वह नाराज हो गईं. देखें वीडियो आप भी.

Video : आंध्र प्रदेश की पिछड़ा वर्ग मंत्री सविता एस के एक कार्यक्रम का वीडियो सामने आया है. इसमें वह गुस्से में नजर आ रहीं हैं. कार्यक्रम के दौरान गुस्से में आकर जिलाधिकारी प्रभावती पर बुके फेंक दिया. यह घटना तीन दिन पुरानी बताई जा रही है, लेकिन इसका वीडियो अब सामने आया है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मंत्री सविता एक पेंशन वितरण कार्यक्रम में शामिल हुई थीं, जहां उन्होंने DM से पूछा कि पहले चरण में कितने मुफ्त गैस सिलेंडर बांटे गए. इस सवाल का जवाब DM ठीक ढंग से नहीं दे पाईं. इससे मंत्री नाराज हो गईं और उन्होंने वही बुके फेंक दिया जो DM ने कुछ देर पहले उन्हें दिया था. अब तक मामले को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. देखें वीडियो जिसे इंडिया टुडे ने इंस्टाग्राम पर शेयर किया है.

मंत्री के व्यवहार पर लोग उठा रहे सवाल

वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर मंत्री सविता एस के व्यवहार को लेकर बहस शुरू हो गई है. कुछ यूजर ने मंत्री के गुस्से को अनुचित बताया और कहा कि सार्वजनिक कार्यक्रम में संयम बरतने की जरूरत है, चाहे जवाब मिले या नहीं. वहीं, कुछ लोगों ने अफसर की तैयारी पर सवाल उठाए और कहा कि योजनाओं की जानकारी प्रशासन को होनी ही चाहिए. कई यूजर्स का मानना है कि मंत्री की नाराजगी सही है, क्योंकि अफसर का जवाब न दे पाना लापरवाही  को दिखाता है.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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