MGNREGA Name Change : विपक्षी सांसदों ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के स्थान पर ‘विकसित भारत–जी राम जी विधेयक’ पारित किए जाने के विरोध में संसद परिसर में गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह तक 12 घंटे का धरना दिया. विपक्ष ने कहा कि संसद में विरोध के बाद अब वे सरकार के इस कदम के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे. धरने का वीडियो न्यूज एजेंसी पीटीआई ने जारी किया है. वीडियो में टीएमसी सांसद डोला सेन शॉल ओढ़े नजर आ रहीं हैं.
टीएमसी के सांसदों ने रातभर धरना दिया
विरोध में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसदों ने रातभर धरना दिया. पार्टी की सांसद डोला सेन ने कहा कि मनरेगा के जरिए गरीब और वंचित लोगों को रोजगार मिलता था. उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के भाजपा सांसदों को स्वतंत्रता सेनानियों और महात्मा गांधी के प्रति सम्मान नहीं है. डोला सेन ने कहा कि मनरेगा से गांधीजी का नाम हटाकर उन्हें दोबारा अपमानित किया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि नया विधेयक राज्यों पर 40 प्रतिशत आर्थिक बोझ डालेगा, जिससे राज्य सरकारों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ेगा.
विकसित भारत- जी राम जी विधेयक, 2025 को दी गई मंजूरी
संसद ने गुरुवार को ‘विकसित भारत- जी राम जी विधेयक, 2025’ को मंजूरी दी. पहले दिन में यह विधेयक लोकसभा और देर रात राज्यसभा से पारित किया गया. तृणमूल कांग्रेस की सांसद सागरिका घोष ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार जिस तरह से यह पूरी तरह से “गरीब-विरोधी, जन-विरोधी, किसान-विरोधी और ग्रामीण गरीबों के खिलाफ” विधेयक लाई और मनरेगा को खत्म कर दिया है, वह निंदनीय है. उन्होंने कहा कि यह भारत के गरीबों का अपमान है, यह महात्मा गांधी का अपमान है, यह रवींद्रनाथ टैगोर का अपमान है. हमें सिर्फ पांच घंटे का नोटिस देकर इस विधेयक के बारे में सूचित किया गया. हमें इस पर उचित विचार विमर्श करने की अनुमति नहीं दी गई.
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मोदी सरकार किसान-विरोधी : रणदीप सिंह सुरजेवाला
कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने विधेयक पारित होने को देश के श्रमिक वर्ग के लिए “दुखद दिन” बताया और मोदी सरकार पर किसान-विरोधी और गरीब-विरोधी होने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि यह शायद भारत के लोकतंत्र मजदूरों के लिए सबसे दुखद दिन है. भाजपा नीत सरकार ने मनरेगा को रद्द कर 12 करोड़ लोगों की आजीविका पर हमला किया है. उन्होंने साबित कर दिया है कि मोदी सरकार किसान-विरोधी और गरीब-विरोधी है.
