शादी से पहले 100 से अधिक बार सोनम रघुवंशी को कॉल करने वाला संजय वर्मा है कौन?

Meghalaya Honeymoon Murder: राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में पुलिस ने बताया कि विशेष जांच दल (एसआईटी) इंदौर पहुंच गया है. एसआईटी यह जांच करने में जुटी है कि हत्या से किसी को फायदा तो नहीं हुआ है. ईस्ट खासी हिल्स के एसपी ऋतुराज रवि के अनुसार, हत्यारों ने तीन असफल प्रयासों के बाद रघुवंशी की हत्या करने में सफलता पाई. मामले में अब संजय वर्मा का नाम आ रहा है. जानें कौन है ये संजय वर्मा?

Meghalaya Honeymoon Murder: मेघालय हनीमून मर्डर केस में एक नया नाम सामने आया है. यह नाम संजय वर्मा है, जिससे सोनम रघुवंशी ने अपनी शादी से पहले 100 से अधिक बार संपर्क किया था. इंदौर के व्यवसायी पति राजा रघुवंशी की हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार सोनम ने कथित तौर पर अपने प्रेमी राज कुशवाह के साथ मिलकर साजिश रची थी, जिसने राजा की हत्या के लिए तीन हत्यारों को पैसे दिए थे.

पिछले महीने हनीमून पर पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा में राजा की हत्या कर दी गई थी. मामले में सोनम समेत सभी पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस ने जांच के तहत मंगलवार को क्राइम सीन को फिर से क्रिएट किया गया. पुलिस ने बुधवार को खुलासा किया कि संजय वर्मा असल में उसके ब्वॉयफ्रेंड राज कुशवाह द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला नाम था. यह नाम फेक था.

संजय वर्मा वास्तव में राज कुशवाह ही था

पूर्वी खासी हिल्स जिले के एसपी विवेक सिम ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया, “हमें पता चला है कि राजा से शादी से पहले सोनम ने संजय वर्मा नाम के एक व्यक्ति को 100 से ज्यादा फोन कॉल किए थे. शादी के बाद भी कॉल जारी रहीं.” उन्होंने बताया कि पुलिस ने वर्मा का पता लगाने के लिए इंदौर में तलाशी अभियान शुरू किया, जिसका फोन बंद है. अधिकारी ने बताया कि बाद में जांच में पता चला कि संजय वर्मा वास्तव में राज कुशवाह था, जिसने अपनी प्रेमिका के पति की हत्या की साजिश रची थी. 

संजय वर्मा नाम के किसी व्यक्ति को नहीं जानता: सोनम के भाई ने कहा

जांच अधिकारी ने कहा, “हमारी टीम इंदौर में है और कुछ लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि पता लगाया जा सके कि राजा की मौत से किसी को फायदा तो नहीं हुआ है.” इस बीच, आरोपी सोनम रघुवंशी के भाई गोविंद ने दावा किया कि उन्हें संजय वर्मा नाम के किसी व्यक्ति के बारे में कोई जानकारी नहीं है. पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, “मैं संजय वर्मा के बारे में कुछ नहीं जानता. मैं आपको वो सारी जगहें दिखाने आया था, जहां राज काम करता था. यहां से कुछ भी जब्त नहीं हुआ है. मैं संजय के बारे में कुछ नहीं जानता. मुझे आज यह भी पता चला है कि संजय का नाम भी इसमें आ रहा है.”

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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