Meerut Murder : जेल में मुस्कान सीखेगी सिलाई, साहिल करेगा खेती ?

Meerut Murder : क्या जेल के अंदर कुछ काम दिया गया मुस्कान और साहिल को? इस सवाल का जवाब जेल प्रशासन ने दिया है. बताया जा रहा है कि मुस्कान ने सिलाई सीखने की इच्छा व्यक्त की है, वहीं साहिल की खेती में रुचि है.

Meerut Murder : मेरठ के बहुचर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में गिरफ्तार मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला जेल में क्या काम कर रहे हैं? इस सवाल का जवाब लोग जानना चाहते हैं. जेल प्रशासन के अनुसार, दोनों के व्यवहार में बदलाव देखा जा रहा है. मुस्कान ने सिलाई सीखने की इच्छा जताई है, वहीं साहिल खेती में रुचि दिखा रहा है. जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि नियम के अनुसार उन्हें इन कामों की सुविधा प्रदान करने पर विचार किया जा रहा है. इस बीच जेल में दस दिन पूरे होने के बाद दोनों आरोपियों को मुख्य बैरकों में ट्रांसफर कर दिया गया है. मुस्कान को बैरक नंबर 12-B और साहिल को बैरक नंबर 18-A में रखा गया है.

मामला 4 मार्च 2025 का है, जब मुस्कान और साहिल ने मिलकर सौरभ की हत्या कर दी थी. सौरभ मर्चेंट नेवी से सेवानिवृत्त थे, वर्तमान में वे लंदन में कार्यरत थे और अपनी बेटी के जन्मदिन के लिए मेरठ लौटे थे. हत्या के बाद, दोनों ने सौरभ के शव के 15 टुकड़े कर उन्हें सिमेंट से भरे ड्रम में सील कर दिया था. हत्या की योजना महीनों पहले बनाई गई थी.

जेल में टेलीविजन देखते हैं मुस्कान और साहिल

गिरफ्तारी के बाद, मुस्कान और साहिल को 19 मार्च को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया. जेल में शुरू के 10 दिनों तक उन्हें मुलाहिजा बैरक में रखा गया, जिसके बाद उन्हें मुख्य बैरकों में ट्रांसफर कर दिया गया. जेल प्रशासन के अनुसार, दोनों अब अखबार पढ़ते हैं, टेलीविजन देखते हैं और जेल के नियमों का पालन कर रहे हैं. नशे की लत से उबरने में भी उन्होंने सुधार दिखाया है. मुस्कान सिलाई सीखना चाहती है, जबकि साहिल खेती में रुचि रखता है.

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मीम्स और पोस्ट की बाढ़ से बीजेपी नाराज

मेरठ में बीजेपी नेताओं ने मीम्स और पोस्ट की बाढ़ की कड़ी निंदा की. स्थानीय बीजेपी नेताओं ने केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर ऐसे मीम्स और पोस्ट पर रोक लगने की मांग की है.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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