Meenakshi Natarajan : राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द करने के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. मीनाक्षी नटराजन ने एक प्रेस काॅन्फ्रेंस में कहा कि चुनाव आयोग ने मुझसे जितनी जानकारी मांगी थी, वह सब मैंने दी थी, अगर उससे अलग भी कोई जानकारी चाहिए थी, तो उसके बारे में आयोग का बताना चाहिए था कि वह जानकारी कहां देनी है. वैसे यह मामला अभी न्यायालय के विचाराधीन है, इसलिए मैं इससे ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहती हूं.
फाॅर्म 26 में आपराधिक मामलों की जानकारी देनी थी
प्रेस काॅन्फ्रेंस में मीनाक्षी नटराजन ने बताया कि मुझसे यह कहा जा रहा है कि मैंने आयोग से जानकारी छिपाई और उसी आधार पर मेरा नामांकन रद्द किया गया. मैं आपको बताना चाहती हूं कि एक फाॅर्म 26 है, जिसमें दर्ज आपराधिक मामलों और दंडनीय अपराध के बारे में जानकारी देनी थी. मैंने उन काॅलम में यह लिखा है कि यह लागू नहीं है, क्योंकि मुझपर ऐसा कोई केस दर्ज नहीं है. एक लीगल नोटिस है, जिसे नामांकन रद्द करने का आधार बनाया जा रहा है, जिसपर अबतक कोर्ट ने भी संज्ञान नहीं लिया है. अगर इसके बारे में भी जानकारी देनी थी, तो आयोग बताया कि उसके बारे में कहां जानकारी देनी थी? क्या ऐसा कोई काॅलम में मौजूद था.
देश में लोकतंत्र खतरे में
कांग्रेस के नेताओं ने प्रेस काॅन्फ्रेंस में यह आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र खतरे में है. हम उस ओर जा रहे हैं, जहां देश में सिर्फ दिखाने के लिए लोकतंत्र होगा और मीडिया सरकार से अनुमति प्राप्त करके खबरें प्रकाशित करेगी. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि जिस अधिकारी ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किया है, उसकी पृष्ठभूमि संघ की है और वह वही कर रहे थे, जिसे वह अपना फर्ज समझते हैं. कांग्रेस के लोगों ने स्क्रूटनी के दौरान जो कुछ हुआ, उसके बाद उनसे पूछा कि आप ऐसा क्यों कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि मुझे नौकरी करनी है.
वोट चोरी के बाद सीट चोरी कर रही है बीजेपी-चुनाव आयोग की जोड़ी
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा है कि वोट चोरी और सरकार चोरी के बाद बीजेपी और चुनाव आयोग की जुगलबंदी ने सीट चोरी के साथ मुकाबला शुरू होने से पहले ही खत्म कर दिया है. उन्होंने लिखा कि कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन ने हर डॉक्यूमेंट जमा किया. उनपर कोई पेंडिंग केस नहीं था, लेकिन चुनाव आयोग ने बीजेपी के एक मामूली ऑब्जेक्शन पर उनका नॉमिनेशन कैंसिल कर दिया.बीजेपी सपोर्टेड इंडिपेंडेंट परिमल नाथवानी ने फॉर्म में अपना नाम गलत लिख दिया और कई जरूरी जानकारी नहीं दी, फिर भी चुनाव आयोग ने उन्हें सब कुछ ठीक करने के लिए एक्सटेंशन दिया. वही इलेक्शन कमीशन है, दो उम्मीदवार है, एक को बिना सुनवाई के ही डिसक्वालिफाई कर दिया गया, दूसरे को नियमों का पालन न करने के बावजूद इनाम दिया गया.
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