राज्यसभा चुनाव : नामांकन रद्द किए जाने पर मीनाक्षी नटराजन ने EC से पूछे सवाल, राहुल गांधी ने कहा-अब हो रही है सीट चोरी

Meenakshi Natarajan : कांग्रेस की मध्यप्रदेश से राज्यसभा चुनाव की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन 9 जून को रद्द होने के बाद से पार्टी आक्रमण के मुद्रा में है. इस मसले को लेकर मीनाक्षी नटराजन और मध्यप्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने प्रेस काॅन्फ्रेंस किया और चुनाव आयोग व बीजेपी सरकार पर हमला बोला. इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट में भी शुक्रवार को सुनवाई होनी है.

Meenakshi Natarajan : राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द करने के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. मीनाक्षी नटराजन ने एक प्रेस काॅन्फ्रेंस में कहा कि चुनाव आयोग ने मुझसे जितनी जानकारी मांगी थी, वह सब मैंने दी थी, अगर उससे अलग भी कोई जानकारी चाहिए थी, तो उसके बारे में आयोग का बताना चाहिए था कि वह जानकारी कहां देनी है. वैसे यह मामला अभी न्यायालय के विचाराधीन है, इसलिए मैं इससे ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहती हूं.

फाॅर्म 26 में आपराधिक मामलों की जानकारी देनी थी

प्रेस काॅन्फ्रेंस में मीनाक्षी नटराजन ने बताया कि मुझसे यह कहा जा रहा है कि मैंने आयोग से जानकारी छिपाई और उसी आधार पर मेरा नामांकन रद्द किया गया. मैं आपको बताना चाहती हूं कि एक फाॅर्म 26 है, जिसमें दर्ज आपराधिक मामलों और दंडनीय अपराध के बारे में जानकारी देनी थी. मैंने उन काॅलम में यह लिखा है कि यह लागू नहीं है, क्योंकि मुझपर ऐसा कोई केस दर्ज नहीं है. एक लीगल नोटिस है, जिसे नामांकन रद्द करने का आधार बनाया जा रहा है, जिसपर अबतक कोर्ट ने भी संज्ञान नहीं लिया है. अगर इसके बारे में भी जानकारी देनी थी, तो आयोग बताया कि उसके बारे में कहां जानकारी देनी थी? क्या ऐसा कोई काॅलम में मौजूद था.

देश में लोकतंत्र खतरे में

कांग्रेस के नेताओं ने प्रेस काॅन्फ्रेंस में यह आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र खतरे में है. हम उस ओर जा रहे हैं, जहां देश में सिर्फ दिखाने के लिए लोकतंत्र होगा और मीडिया सरकार से अनुमति प्राप्त करके खबरें प्रकाशित करेगी. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि जिस अधिकारी ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किया है, उसकी पृष्ठभूमि संघ की है और वह वही कर रहे थे, जिसे वह अपना फर्ज समझते हैं. कांग्रेस के लोगों ने स्क्रूटनी के दौरान जो कुछ हुआ, उसके बाद उनसे पूछा कि आप ऐसा क्यों कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि मुझे नौकरी करनी है.

वोट चोरी के बाद सीट चोरी कर रही है बीजेपी-चुनाव आयोग की जोड़ी

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा है कि वोट चोरी और सरकार चोरी के बाद बीजेपी और चुनाव आयोग की जुगलबंदी ने सीट चोरी के साथ मुकाबला शुरू होने से पहले ही खत्म कर दिया है. उन्होंने लिखा कि कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन ने हर डॉक्यूमेंट जमा किया. उनपर कोई पेंडिंग केस नहीं था, लेकिन चुनाव आयोग ने बीजेपी के एक मामूली ऑब्जेक्शन पर उनका नॉमिनेशन कैंसिल कर दिया.बीजेपी सपोर्टेड इंडिपेंडेंट परिमल नाथवानी ने फॉर्म में अपना नाम गलत लिख दिया और कई जरूरी जानकारी नहीं दी, फिर भी चुनाव आयोग ने उन्हें सब कुछ ठीक करने के लिए एक्सटेंशन दिया. वही इलेक्शन कमीशन है, दो उम्मीदवार है, एक को बिना सुनवाई के ही डिसक्वालिफाई कर दिया गया, दूसरे को नियमों का पालन न करने के बावजूद इनाम दिया गया.

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By Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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