विदेश मंत्रालय ने कहा- अवैध बांग्लादेशी होंगे देश से बाहर? नस्लवाद बर्दाश्त नहीं

MEA Briefing: विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि अवैध विदेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई होगी और सत्यापन के बाद बांग्लादेशी नागरिकों को वापस भेजा जाएगा. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि भारत नस्लवाद को कभी स्वीकार्य कर कर सकता है, यह हर रूप में निंदनीय है.

MEA Briefing: भारत में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों को अब देश से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा. सरकार अवैध विदेशी नागरिकों पर एक्शन की तैयारी कर रही है. शुक्रवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत में अवैध रूप से रहने वाले सभी लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने बताया कि बांग्लादेश से जुड़े 2,680 से अधिक मामलों की सूची वहां की सरकार को सौंपी गई है, ताकि संबंधित लोगों की राष्ट्रीयता की पुष्टि की जा सके. राष्ट्रीयता सत्यापित होने के बाद इन बांग्लादेशी नागरिकों को वापस भेजने या निर्वासित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. जायसवाल ने कहा कि कई मामलों में सत्यापन प्रक्रिया पिछले पांच सालों से लंबित है और भारत को उम्मीद है कि बांग्लादेश जल्द जवाब देगा. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच हुए द्विपक्षीय समझौते के तहत अवैध रूप से रह रहे लोगों को वापस भेजने की कार्रवाई की जाएगी.

किसी भी तरह का नस्लवाद अस्वीकार्य- विदेश मंत्रालय

अमेरिका में भारतीयों के खिलाफ नस्लीय भेदभाव दर्शाने वाले हालिया वायरल वीडियो पर मामलों पर जायसवाल ने कहा कि किसी भी प्रकार का नस्लवाद, कहीं भी, स्वीकार्य नहीं है. वायरल वीडियो पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उन्होंने वह पोस्ट नहीं देखी है, लेकिन भारत नस्लवाद के हर रूप का विरोध करता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय नागरिकों के साथ भेदभाव को गंभीरता से लिया जाता है.

आसियान देशों के साथ फ्री ट्रेड पर बातचीत जारी

रणधीर जायसवाल ने मीडिया के साथ बात चीत में कहा कि आसियान देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बातचीत जारी है. हालांकि उन्होंने कहा कि फिलहाल इस संबंध में मेरे पास कोई नया अपडेट नहीं है. वहीं, म्यांमार के राष्ट्रपति की आगामी भारत यात्रा को लेकर उन्होंने कहा कि यह उनकी पहली आधिकारिक भारत यात्रा होगी. जायसवाल ने कहा कि म्यांमार भारत का महत्वपूर्ण पड़ोसी देश है और यह भारत की पड़ोसी पहले, एक्ट ईस्ट और महासागर नीतियों के केंद्र में स्थित है. उन्होंने कहा कि इस यात्रा से दोनों देशों के संबंधों को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह भी बताया कि भारतीय ध्वज वाले 11 जहाज अभी भी फारस की खाड़ी क्षेत्र में हैं. उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इससे पहले 14 भारतीय ध्वज वाले जहाज देश वापस आ गए हैं. अमेरिका और ईरान के युद्ध और फिर जारी तनातनी के बीच कई भारतीय जहाज होर्मुज पार नहीं कर पा रहे थे. हालांकि बीते दिनों भारत की कूटनीतिक प्रयासों के कारण उनकी वापसी तय हो सकती है.

भारत इजराइल संबंध पर विदेश मंत्रालय का बयान

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के हालिया बयान पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा- इजरायल के साथ हमारे संबंध मजबूत, अच्छे और सौहार्दपूर्ण हैं. इससे पहले इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत को एक बहुत बड़ी शक्ति बताते हुए कहा था कि दुनिया के अन्य हिस्सों में यहूदी राष्ट्र की वैधता पर सवाल उठाए जाने की कोशिशों के बावजूद भारत में इजराइल के लिए जबरदस्त प्रेम है.

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Published by: Pritish Sahay

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