Mann Ki Baat: मन की बात का आज 105वां एपिसोड, महिला आरक्षण बिल पर पीएम मोदी कर सकते हैं चर्चा

Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी रविवार (24 सितंबर) को देशवासियों को अपने खास कार्यक्रम मन की बात के जरिए संबोधित करेंगे. पीएम मोदी की मन की बात कार्यक्रम का आज 105वां एपिसोड हैं. पीएम मोदी अपने मन की बात के एपिसोड में आज महिला आरक्षण बिल पर देश वासियों से बात कर सकते हैं.

Mann Ki Baat PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज देश वासियों से एक बार फिर मन की बात करेंगे. पीएम मोदी के मन की बात का यह 105वां एपिसोड होगा. पीएम मोदी अपने मन की बात के एपिसोड में आज महिला आरक्षण बिल पर देश वासियों से बात कर सकते हैं. इससे पहले 27 अगस्त को उन्होंने मन की बात का 104वां एपिसोड में चंद्रयान 3 की सफलता, G-20 की बैठक समेत कई मुद्दों पर बात की थी.  इसके अलावा पीएम  मोदी आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 9 वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी भी दिखाएंगे.

प्रधानमंत्री मोदी नौ वंदे भारत ट्रेन को दिखाएंगे हरी झंडी
मन की बात के अलावा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज यानी रविवार को 11 राज्यों के धार्मिक और पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाली नौ वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे. पीएम मोदी राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, बिहार, पश्चिम बंगाल, केरल, ओडिशा, झारखंड और गुजरात को वंदे भारत ट्रेन की सौगात देंगे. बयान के मुताबिक, नयी वंदे भारत ट्रेन उदयपुर-जयपुर, तिरुनेलवेली-मदुरै-चेन्नई, हैदराबाद-बेंगलुरु, विजयवाड़ा-चेन्नई, पटना-हावड़ा, कासरगोड-तिरुवनंतपुरम, राउरकेला-भुवनेश्वर-पुरी, रांची-हावड़ा और जामनगर-अहमदाबाद के बीच चलेंगी. 

चंद्रयान-3 की सफलता पर चर्चा

बीते महीने के मन की बात में पीएम मोदी ने चंद्रयान-3 की चर्चा करते हुए कहा था कि मिशन चंद्रयान-3 की सफलता से देशभर में उत्साह का माहौल है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चंद्रयान-3 की सफलता की चर्चा करते हुए कहा था कि 23 अगस्त को भारत ने और भारत के चंद्रयान ने ये साबित कर दिया कि संकल्प के सूरज चांद पर उगते हैं. मिशन चंद्रयान नए भारत की उस स्प्रीट का प्रतीक बन गया है, जो हर हाल में जीतना चाहता है और हर हाल में जीतना जानता है.

संस्कृत भाषा की वैज्ञानिकता पर बात

प्रधानमंत्री मोदी ने संस्कृत भाषा की वैज्ञानिकता के बारे में चर्चा करते हुए कहा था कि संस्कृत दुनिया की सबसे प्राचीन भाषाओं में से एक है. इसे कई आधुनिक भाषाओं की जननी भी कहा जाता है. संस्कृत अपनी प्राचीनता के साथ-साथ अपनी वैज्ञानिकता और व्याकरण के लिए भी जानी जाती है. भारत का कितना ही प्राचीन ज्ञान हजारों वर्षों तक संस्कृत भाषा में ही संरक्षित किया गया है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >