Manipur Crisis : मणिपुर में 3 मई 2023 से जारी हिंसा और संकट के बीच राज्य सरकार ने विधानसभा में विस्थापित लोगों को लेकर बड़ा अपडेट दिया है. मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने बताया कि अब तक करीब 36 हजार आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों (IDPs) को दोबारा बसाया जा चुका है. हालांकि, करीब 24 हजार लोग अभी भी अलग-अलग राहत शिविरों में रह रहे हैं.
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस विधायक लोकेश्वर सिंह की ओर से उठाए गए सवाल पर यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि विस्थापित लोगों की घर लौटने की इच्छा पहाड़ और घाटी, दोनों इलाकों में एक जैसी है. सरकार की कोशिश है कि लोग सुरक्षित माहौल में अपने घर लौट सकें और राज्य में फिर से सामान्य स्थिति बने.
59 हजार विस्थापितों को अभी भी आर्थिक मदद
मुख्यमंत्री ने बताया कि 36 हजार लोगों के वापस बसने के बावजूद सरकार करीब 59 हजार विस्थापित लोगों को आर्थिक सहायता दे रही है. इसकी वजह यह है कि घर लौटने के बाद भी कई परिवारों के सामने रोजगार और कमाई की समस्या बनी हुई है.
सरकार ऐसे लोगों को हर महीने आर्थिक मदद दे रही है, ताकि घर लौटने के बाद उन्हें शुरुआती मुश्किलों से न जूझना पड़े. मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल आर्थिक सहायता से तीन साल से चले आ रहे संकट के असर को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता.
लंबे संकट से लोगों पर पड़ा मानसिक असर
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंसा और लंबे समय तक विस्थापन की वजह से लोगों को मानसिक परेशानी और ट्रॉमा का भी सामना करना पड़ा है. इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग प्रभावित लोगों की मदद के लिए कदम उठा रहा है.
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उन्होंने बताया कि वह योजना विभाग के साथ भी इस मुद्दे पर चर्चा कर रहे हैं, ताकि प्रभावित परिवारों को दोबारा अपने पैरों पर खड़ा करने और रोजगार से जोड़ने के लिए नई योजनाएं बनाई जा सकें. उन्होंने लेबर डिपार्टमेंट के लेबर कार्ड जैसी योजनाओं को भी रोजगार और सरकारी मदद से जोड़ने का एक विकल्प बताया.
सरकार की नजर में सबसे बड़ी चुनौती क्या?
मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने कहा कि मणिपुर में सबसे बड़ी चुनौती समुदायों के बीच भरोसे की कमी है. सरकार का फोकस अलग-अलग समुदायों के बीच विश्वास बढ़ाने और ऐसा माहौल तैयार करने पर है, जिसमें लोग अपने घर लौट सकें और सामाजिक-आर्थिक गतिविधियां फिर से शुरू हो सकें.
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को राजनीतिक नजरिए से नहीं, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से देखने की जरूरत है. सरकार ने सभी पक्षों से सुझाव देने की अपील भी की है.
इम्फाल-दीमापुर बस सेवा शुरू, मोरेह रूट खोलने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने राज्य में कनेक्टिविटी और कारोबार को दोबारा पटरी पर लाने की कोशिशों की भी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इंफाल-दीमापुर-गुवाहाटी बस सेवा सफलतापूर्वक दोबारा शुरू हो चुकी है.
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अब सरकार मोरेह ट्रेड रूट को फिर से खोलने की दिशा में काम कर रही है. सरकार का मानना है कि व्यापार और आवागमन बढ़ने से राज्य की आर्थिक गतिविधियों को दोबारा गति मिल सकती है.
