मणिपुर के सीएम ने की मिजोरम के मुख्यमंत्री से बात, जारी हिंसा पर CM जोरमथांगा ने दिया मदद का भरोसा

Manipur Violence: मणिपुर के सीएम जोरमथांगा ने ट्वीट कर कहा कि मणिपुर में चल रही हिंसा के बारे में प्रदेश के सीएम ने बात की है. उन्होंने कहा कि सीएम एन बीरेन सिंह इस उम्मीद के साथ मुद्दे को हल करने में मेरी सहायता मांग रहे हैं कि अब से एक शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व होगा.

Manipur Violence: मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने मणिपुर में चल रही हिंसा के संबंध में मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरमथांगा से बात की और इस उम्मीद के साथ इस मुद्दे को हल करने में मिजोरम के मुख्यमंत्री की सहायता मांगी कि अब से एक शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व होगा. मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरमथांगा ने ट्वीट कर कहा कि इसके अलावा अनुरोध है कि मिजोरम मेइती को शांतिपूर्ण तरीके से निपटने के लिए साधन और उपाय किए जाएं. मैंने मणिपुर के मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि मिजोरम सरकार जारी हिंसा पर दुख जता रही है और उसने इसे कम करने के लिए कुछ कदम और उपाय किए हैं.

सीएम जोरमथांगा ने दिया मदद का आश्वासन
मणिपुर के सीएम जोरमथांगा ने ट्वीट कर कहा कि मणिपुर में चल रही हिंसा के बारे में प्रदेश के सीएम ने बात की है. उन्होंने कहा कि सीएम एन बीरेन सिंह इस उम्मीद के साथ मुद्दे को हल करने में मेरी सहायता मांग रहे हैं कि अब से एक शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व होगा. वहीं मिजोरम के सीएम ने अपील की है कि मणिपुर की सरकार इस मुद्दे को शांतिपूर्वक तरीके से निपटाये. वहीं, उन्होंने कहा कि मिजोरम सरकार ने मणिपुर के मुख्यमंत्री ने कहा कि मिजोरम के लोग मेइती के प्रति सहानुभूति रखते हैं. उन्होंने कहा कि जो मैतेई मिजोरम में रह रहे हैं, उन्हें डरने की जरूरत नहीं है. उनकी सुरक्षा के तमाम उपाय किए गये हैं.

गौरतलब है कि काफी दिनों से मणिपुर में हिंसा हो रही है. एसटी का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग के विरोध में मणिपुर में हिंसा हो रही है. हिंसा में उपद्रवी आम लोगों के साथ-साथ राजनेताओं के घरों पर भी तोड़फोड़ और आगजनी कर रहे हैं. उपद्रवियों ने केंद्रीय मंत्री आरके रंजन सिंह, मणिपुर सरकार में मंत्री नेमचा किग पेन और गोविंदास कोंथोउजाम सहित कई और नेताओं के घरों पर तोड़फोड़ की और फिर आग लगा दी. इस हिंसा में 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुका है.

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क्या है पूरा मामला
मणिपुर हिंसा में जल रहा है. प्रदेश के 11 जिलों में कर्फ्यू लगा हुआ है. आम-जनजीवन पूरी तरह बेपटरी हो गया है. अफवाह, संवेदनशील वीडियो के वायरल होने से रोकने के लिए प्रशासन ने इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी है.  गौरतलब है कि मणिपुर में अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग के विरोध में यह हिंसा शुरू हुई है.

मणिपुर की महिलाओं ने हिंसा के विरोध में बनाई श्रृंखला
वहीं, मणिपुर में हिंसा को लेकर अब महिलाएं भी सड़क पर उतरने लगी है. जारी हिंसा के विरोध सैकड़ों महिलाएं बीते शनिवार रात को सड़कों पर उतरीं. मेइती समुदाय की महिलाओं ने इंफाल पूर्व, इंफाल पश्चिम, थौबल और काकचिंग जिलों में सड़कों पर मशाल लेकर मानव श्रृंखला बनाई.इस दौरान महिलाओं ने केन्द्र सरकार पर भी निशाना साधा. 

भाषा इनपुट से साभार

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Author: Pritish Sahay

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