Mangaluru Blast: मंगलुरु विस्फोट का आरोपी था ISIS से प्रभावित, घर से बम बनाने की सामग्री बरामद

पुलिस ने बताया कि मंगलुरु विस्फोट का आरोपी शारिक मोहम्मद मैसूर अपने आकाओं से संपर्क के लिए डार्क वेब का इस्तेमाल करता था. पुलिस का दावा है कि शारिक कई संचालकों के अधीन काम किया, जिसमें एक आईएसआईएस से प्रभावित आतंकवादी संगठन अल हिंद है.

मंगलुरु विस्फोट का आरोपी मोहम्मद शारिक मैसूर को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है. बताया जा रहा है कि आरोपी शारिक आईएसआईएस से प्रभावित था. अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) आलोक कुमार ने बताया कि शारिक अंतरराष्ट्रीय (आतंकवादी) संगठनों से प्रभावित था.

आतंकवादी संगठनों से संपर्क के लिए आरोपी शारिक करता था डार्क वेब का इस्तेमाल

पुलिस ने बताया कि मंगलुरु विस्फोट का आरोपी शारिक मोहम्मद मैसूर अपने आकाओं से संपर्क के लिए डार्क वेब का इस्तेमाल करता था. पुलिस का दावा है कि शारिक कई संचालकों के अधीन काम किया, जिसमें एक आईएसआईएस से प्रभावित आतंकवादी संगठन अल हिंद है.

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आरोपी शारिक के घर से बम बनाने की सामग्री बरामद

आरोपी शारिक के घर से पुलिस ने बम बनाने की सामग्री बरामद की है. पुलिस ने उसी घर से बम बनाने की सामग्री बरामद की है, जहां आरोपी शारिक किराये पर रहता था.

शारिक कुकर में आईईडी बनाने की कर रहा था कोशिश, तटीय शहर में हुआ था विस्फोट

मालूम हो शिवमोगा जिले का निवासी शारिक कुकर में ‘आईईडी’ बनाने की कोशिश कर रहा था, जब तटीय शहर में विस्फोट हो गया था. एडीजीपी आलोक कुमार ने बताया, एक यात्री के पास एक बैग था जिसमें कुकर बम था. इसमें विस्फोट हो गया, जिससे यात्री के साथ-साथ ऑटो चालक भी झुलस गया. ऑटो चालक पुरुषोत्तम पुजारी है और यात्री की पहचान शारिक के रूप में हुई है. पुलिस लगातार आरोपी शारिक को बचाने की कोशिश में है, ताकी उससे विस्फोट मामले में पूछताछ कर सके. पुलिस ने इस विस्फोट को आतंकवाद का एक कृत्य करार दिया है, जिसके पीछे की मंशा गंभीर नुकसान पहंचाने की थी. पुलिस को शारिक के घर से बम बनाने में इस्तेमाल किए जाने वाले अमोनियम नाइट्रेट, नट, बोल्ट आदि अन्य सामग्री मिली है.

पुलिस 7 स्थानों की ले चुकी है तलाशी

मंगलुरु विस्फोट मामले में पुलिस सात स्थानों पर तलाशी अभियान चला रही है. पुलिस ने शारिक के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है. शिवमोगा के जिला मुख्यालय शहर में 15 अगस्त को एक सार्वजनिक स्थान पर हिंदुत्व विचारक विनायक दामोदर सावरकर की तस्वीर लगाने को लेकर हुई सांप्रदायिक झड़प के मामले में भी शारिक का नाम सामने आया था. इस मामले में पुलिस ने मोहम्मद जबीहुल्ला उर्फ चारबी, सैयद यासीन और माज़ मुनीर अहमद को गिरफ्तार किया था जबकि शारिक फरार था. यासिन और माज ने पुलिस को बताया था कि शारिक ने उन्हें बरगलाया था. ये लोग देश में एक इस्लामिक स्टेट बेस स्थापित करने की योजना बना रहे थे और देश में एक खिलाफत स्थापित करना चाहते थे. कुमार ने बताया कि शारिक मंगलुरु में आपत्तिजनक भित्तिचित्र बनाने के मामले में भी शामिल था.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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