100% टैरिफ का खतरा: खरगे का पीएम मोदी पर तंज, कहा- UPI से H1-B वीजा तक सब दांव पर

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अमेरिकी टैरिफ को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि भारत सरकार अमेरिकी दबाव के आगे झुक रही है, जिसका सीधा नुकसान देश के 140 करोड़ लोगों को उठाना पड़ रहा है.

100% US Tariffs: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की विदेश नीतियों पर निशाना साधा है. खरगे ने आरोप लगाया कि भारत सरकार अमेरिकी दबाव के आगे झुक रही है, जिसका नुकसान देश के 140 करोड़ लोगों को उठाना पड़ रहा है.

खरगे ने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए अपने पोस्ट की शुरुआत में लिखा, आपके प्यारे दोस्त अबकी बार ट्रंप सरकार का हुक्म चलता है, आप घुटने टेक देते हैं और नतीजा 140 करोड़ भारतीयों को भुगतना पड़ता है!

पीएम मोदी सरकार की विदेश नीति बुरी तरह नाकाम : खरगे

खरगे ने अपने पोस्ट में लिखा, भारतीय सामान पर 100% तक अमेरिकी टैरिफ का खतरा दिखाता है कि आपकी सरकार की विदेश और व्यापार नीतियां बुरी तरह नाकाम रही हैं!!

फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग का सामान, केमिकल, ऑटो पार्ट्स, रत्न और आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्नोलॉजी सेक्टर को टैरिफ का जबरदस्त झटका लग सकता है.


पहले 25% टैरिफ लगा, फिर 50% और अब 100% का खतरा मंडरा रहा है. इस बीच, मोदी सरकार एक ऐसे ट्रेड फ्रेमवर्क पर सहमत हो गई जो अमेरिकी सामान की भारत के कृषि उत्पादों तक पहुंच बढ़ाता है और हमारे किसानों के हितों को दांव पर लगा देता है!
खरगे ने आगे लिखा, यह फ्रेमवर्क असल में पांच साल में 500 अरब डॉलर का अमेरिकी सामान खरीदने के लिए मजबूर करता है. कल UPI पर MDR के मामले में घुटने टेकना आपकी सरकार की कमजोरी का एक और बड़ा उदाहरण है.

टैरिफ और व्यापार से लेकर H1B1 इमिग्रेशन, वीज़ा और डिजिटल पेमेंट तक, वॉशिंगटन का दबाव बढ़ता जा रहा है और आप, यानी 'हाउडी मोदी जी', लगातार घुटने टेकते जा रहे हैं!

क्या है नया अमेरिकी कानून?

अमेरिकी सीनेट द्वारा पारित 'लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026' (Lindsey O. Graham Sanctioning Russia and Iran Act of 2026) को अब निचले सदन से भी 262-159 के अंतर से मंजूरी मिल गई है. यह विधेयक अमेरिकी राष्ट्रपति को उन देशों पर भारी टैरिफ लगाने का अधिकार देता है जो रूस से कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस खरीदते हैं.

इसके तहत रूस से ऊर्जा उत्पाद खरीदने वाले शीर्ष 5 देशों (जिनमें भारत और चीन प्रमुख हैं) से आने वाले सामानों पर 100% तक का अतिरिक्त शुल्क लगाया जा सकता है.


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लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

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बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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