'मोदी सरकार पिछले दरवाजे से लागू करना चाहती है किसान विरोधी तीन काले कानून', खरगे ने PM पर लगाए गंभीर आरोप

Economic Survey: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने सोमवार को पहला आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया. लोकसभा में इसको लेकर जोरदार बहस भी हुई.

Economic Survey: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर भी तंज कसा. खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी को टैग कर एक्स पर लंबा-चौड़ा पोस्ट डाला. जिसमें उन्होंने मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए लिखा, ‘आप आज ढाई घंटे तक गला घोंटा का विलाप कर रहे थे, पर सच्चाई ये है कि आपकी सरकार ने 10 वर्षों में 140 करोड़ भारतीयों के अरमानों का गला घोंटा है’.

पीएम मोदी ने क्या दिया था बयान?

संसद के पिछले सत्र में हुए व्यवधान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था, उस दौरान 140 करोड़ देशवासियों की आवाज को कुचलने का ‘अलोकतांत्रिक’ प्रयास हुआ था. पिछले सत्र में राष्ट्रपति अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा पर लोकसभा में उनके जवाब के दौरान विपक्ष के लगातार हंगामे की ओर संकेत करते हुए कहा, ढाई घंटे तक देश के प्रधानमंत्री का गला घोंटने का, उनकी आवाज को रोकने का, उनकी आवाज को दबाने का… लोकतांत्रिक परंपराओं में कोई स्थान नहीं हो सकता है. और, इन सबका पश्चाताप तक नहीं है, दिल में दर्द तक नहीं है. उन्होंने कहा, देशवासियों ने हमें यहां देश के लिए भेजा है, दल के लिए नहीं भेजा है. ये सदन दल के लिए नहीं, ये सदन देश के लिए है.

खरगे ने आर्थिक सर्वेक्षण पर भी मोदी सरकार को घेरा

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आर्थिक सर्वेक्षण को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, आज का आर्थिक सर्वेक्षण मोदी सरकार की नाकामियों पर चमचमाते हुए खोखले लिफाफे की तरह है. खरगे ने नीट मामले, शिक्षा और कई मुद्दों पर सरकार को घेरा. खरगे ने कई प्वाइंट पर मोदी सरकार पर निशाना साधा.

  1. केंद्रीय शिक्षा मंत्री सदन में झूठ फेलाते हैं, NEET पेपर लीक पर जिम्मेदारी लेने से बचते हैं. आज युवाओं का भविष्य अधर में है. बेरोजगारी दर 9.2% पर है. नौकरियों के लिए भगदड़ मच रही है.
  2. कमरतोड़ महंगाई ने देश के परिवारों की बचत 50 वर्षों में सबसे निम्न स्तर पर कर दी है. खाद्य महंगाई 9.4% पर है, अनाज की महंगाई 8.75%, दलहन की महंगाई 16.07% और सब्जी की महंगाई 29.32% पर है.
  3. आर्थिक सर्वेक्षण कहता है कि चीन से FDI आना चाहिए. मोदी जी ने गलवान में 20 शहीदों का अपमान करते हुए चीन को राजनीतिक Clean Chit दी, आज उनके आर्थिक सर्वेक्षण ने चीन को आर्थिक Clean Chit दे दी है. भारत में चीनी वस्तुओं का आयात 2020 के बाद से 68% बढ़ गया है और चीन के साथ हमारा व्यापार घाटा 75% बढ़ गया है.
  4. किसानों की हालत खराब है. आज की ही खबर कहती है कि अब मोदी सरकार पिछले दरवाज़े से किसान विरोधी तीन काले कानून फिर से लागू करना चाहती है. अन्नदाता किसानों की राष्ट्रीय औसत मासिक कृषि आय मात्र 5,298 रुपये है.
  5. आर्थिक सर्वेक्षण सफेद झूठ बोलकर दावा करता है कि गरीबी लगभग खत्म हो गई है. सच्चाई ये है कि देश में अमीरों और गरीबों के बीच अंतर 100 वर्षों में सबसे अधिक है.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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