खरगे ने गुजरात वाले बयान पर माफी मांगी, कांग्रेस दफ्तर के बाहर गुजराती समुदाय का हल्लाबोल

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुजरात वाले बयान पर माफी मांग ली है. उन्होंने कहा- उनके चुनावी भाषण को गलत तरीके से पेश किया गया.

खरगे ने एक्स पर एक पोस्ट डाला. जिसमें लिखा- हाल ही में केरल में दिए गए मेरे एक चुनावी भाषण की कुछ टिप्पणियों को जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया जा रहा है. फिर भी, मैं अपनी तरफ से जिम्मेदारी के साथ खेद व्यक्त करता हूं. गुजरात के लोगों के प्रति मेरे मन में हमेश सर्वोच्च सम्मान रहा है और हमेशा रहेगा. वहां के लोगों की भावनाओं को आहत करना मेरा कभी उद्देश्य नहीं था.

गुजराती समुदाय के सदस्यों ने कांग्रेस ऑफिस के बाहर किया प्रदर्शन

गुजरात के लोगों को अशिक्षित कहने पर गुजराती समुदाय के सदस्यों ने मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ हल्लाबोल कर दिया है. दिल्ली में कांग्रेस ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया. इस दौरान खरगे से माफी मांगने की मांग की जा रही थी.

बीजेपी ने खरगे के बयान की निंदा की

बीजेपी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान को शर्मनाक, अपमानजनक और बेहद निंदनीय बताया. पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से पूछा था कि क्या वे खरगे के बयान से सहमत हैं. प्रसाद ने कहा, अगर राहुल गांधी में थोड़ी भी समझ है, तो उन्हें इस टिप्पणी से खुद को अलग कर लेना चाहिए, इसकी निंदा करनी चाहिए और माफी की मांग करनी चाहिए.

खरगे ने गुजरात और वहां के लोगों पर क्या टिप्पणी की थी

केरल के इडुक्की जिले में रविवार को एक चुनावी रैली में खरगे ने कहा था कि राज्य के लोग शिक्षित और समझदार हैं और उन्हें गुमराह नहीं किया जा सकता है. जबकि गुजरात और कुछ अन्य स्थानों के लोग अशिक्षित हैं.

खरगे कांग्रेस अध्यक्ष बने रहने के योग्य नहीं : रविशंकर प्रसाद

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि इस तरह की टिप्पणी के बाद खरगे कांग्रेस अध्यक्ष बने रहने के योग्य नहीं हैं. उन्होंने कहा कि गुजरात में कई राष्ट्रीय नेता और बुद्धिजीवी हुए हैं. आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि गुजरात की साक्षरता दर में पिछले कुछ वर्षों में सुधार हुआ है और यह लगभग 82 प्रतिशत है.

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials) अरबिंद शैक्षणिक रूप से भी पत्रकारिता और क्षेत्रीय विषयों के गहरे जानकार हैं:

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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