Rajasthan Politics: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने राजस्थान में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने और रणनीति बनाने के लिए आज पार्टी की प्रदेश यूनिट के सीनियर नेताओं के साथ मंथन किया. बैठक के बाद खरगे ने कहा कि राजस्थान में हर पांच साल पर सरकार बदलने का इतिहास इस बार बदल जाएगा. इस बैठक को सीएम अशोक गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के बीच के विवाद को सुलझाने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है. खरगे और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी वाली इस बैठक में कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, पायलट, पार्टी के प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर रंधावा, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और कई अन्य कांग्रेस नेता शामिल थे. वहीं, मुख्यमंत्री गहलोत पैर में चोट के कारण जयपुर से ही इस बैठक में ऑनलाइन जुड़े.
बैठक के बाद खरगे ने किया ट्वीट
बैठक के बाद खरगे ने ट्वीट किया, जन-सेवा, राहत और सबका उत्थान, प्रगति के पथ पर बढ़ता राजस्थान. कांग्रेस पार्टी ने राजस्थान में समावेशी विकास एवं जन-कल्याण की योजनाओं को घर घर पहुंचाया है. पार्टी एकजुट होकर आगामी चुनाव में जनता के बीच जाएगी. उन्होंने कहा, राजस्थान का हर वर्ग – किसान, खेत-मज़दूर, युवा, महिलाएं व समाज का हर एक वर्ग कांग्रेस पार्टी में अपनी आस्था व्यक्त कर रहा है. हम सबकी आकांक्षाओं का ध्यान रखेंगे. राजस्थान का वर्तमान और भविष्य दोनों कांग्रेस के हाथों में सुरक्षित है. इस बार इतिहास बदलेगा. राहुल गांधी ने फेसबुक पोस्ट में कहा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी के नेतृत्व में आज राजस्थान कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक की. कांग्रेस राजस्थान में एक बार फिर सरकार बनाएगी और जनता के बेहतर भविष्य के लिए कार्य करती रहेगी.
केसी वेणुगोपाल ने दी जानकारी
राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की तैयारियों पर कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया कि, आज इस बैठक में सीएम और पीसीसी चीफ समेत राजस्थान कांग्रेस के 29 नेता शामिल हुए. सभी नेताओं ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि कांग्रेस राजस्थान चुनाव जीत सकती है, बशर्ते राजस्थान कांग्रेस में एकजुटता हो. आज सभी नेताओं ने एकजुट होकर चुनाव लड़ने का फैसला किया. जीतने की क्षमता के आधार पर उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा. उम्मीदवारों की सूची सितंबर के पहले सप्ताह में घोषित की जाएगी.
सख्त अनुशासन का करना होगा पालन
आगे बताते हुए केसी वेणुगोपाल ने कहा कि, पार्टी ने तय किया है कि सभी को सख्त अनुशासन का पालन करना होगा. किसी भी मुद्दे पर पार्टी के अंदर ही चर्चा होनी है और पार्टी की अंदरूनी राजनीति के बारे में पार्टी से बाहर बोलने की आजादी किसी को नहीं है. इसका उल्लंघन करने वालों पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जायेगी.
जन संघर्ष यात्रा के दौरान प्रदेश सरकार के समक्ष रखी तीन मांग
इस बैठक से एक दिन पहले, सीएम गहलोत ने कहा था कि राजस्थान सरकार भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामलों में सजा को मौजूदा 10 साल से बढ़ाकर आजीवन कारावास तक करने के लिए अगले विधानसभा सत्र में एक विधेयक लाएगी. पायलट ने अपनी जन संघर्ष यात्रा के दौरान प्रदेश सरकार के समक्ष तीन मांग रखी थीं जिनमें राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) का पुनर्गठन, सरकारी परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक से प्रभावित युवाओं को मुआवजा और पिछली वसुंधरा राजे सरकार पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप की उच्च स्तरीय जांच शामिल थी. पिछले महीने कांग्रेस ने गहलोत और पायलट के साथ पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे एवं पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की मैराथन बैठक के बाद कहा था कि दोनों नेता आगामी विधानसभा चुनाव एकजुट होकर लड़ने पर सहमत हैं तथा उनके बीच के मुद्दों का समाधान आलाकमान करेगा. (भाषा इनपुट के साथ)
