Waqf Board land Scam Case पुणे वक्फ बोर्ड जमीन घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए सात जगहों पर छापा मारा है. ईडी की ओर से आज की गई इस कार्रवाई से एनसीपी के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक की मुश्किलें बढ़ने की संभावना जताई जा रही है. दरअसल, नवाब मलिक के मंत्रालय के अधीन वक्फ बोर्ड आता है.
नवाब मलिक महाराष्ट्र के अल्पसंख्यक मंत्री हैं. इस मामले में अगस्त में दो अधिकारियों को पुणे की बंदगार्डन पुलिस टीम ने गिरफ्तार किया था. जांच से पता चला था कि इन दोनों ने ट्रस्ट का पदाधिकारी होते हुए 7.76 करोड़ों रुपए का गबन किया है. चूंकि, यह मामला मनी लांड्रिंग से जुड़ रहा था, इसलिए जांच ईडी ने अपने हाथ में ली है और इसी कड़ी में औरंगाबाद में भी ईडी की छापेमारी की खबर है.
बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय ने पुणे वक्फ बोर्ड के खिलाफ ऐसे वक्त में यह कार्रवाई की जब एनसीपी नेता नवाब मलिक मुंबई क्रूज ड्रग्स मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस समेत कई भाजपा नेताओं पर हमलावर हैं. देवेंद्र फडणवीस पर आरोप लगाते हुए नवाब मलिक ने कहा कि मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए वे महाराष्ट्र में जाली नोटों का रैकेट चलवाते थे. उनके संरक्षण और देखरेख में जाली नोटों का काला कारोबार मुंबई में और महाराष्ट्र में होता था. मलिक ने यह भी कहा कि फडणवीस के इशारे पर वसूली होती थी. फडणवीस ने राजनीति का अपराधीकरण किया.
वहीं, महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक के दामाद ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस को मानहानि और झूठे आरोपों के लिए कानूनी नोटिस भेजा है. साथ ही मानसिक प्रताड़ना, पीड़ा और वित्तीय नुकसान के लिए पांच करोड़ रुपये की मांग की. उधर, नवाब मलिक ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस अगर हमसे माफी नहीं मांगेंगे, तो उनके खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज करेंगे.
