Mahakumbh Mela : राजपाल योगी को नहीं लगती ठंड, एक हाथ से किया 3000 पुशअप्स

Mahakumbh Mela : महाकुंभ की गूंज विदेशों तक पहुंची. योगी बाबा के संगम पर विदेशी श्रद्धालुओं ने प्रशंसा की. राजपाल योगी ने अपने संदेश और प्रदर्शन से युवाओं को किया प्रेरित. उन्होंने एक हाथ से 3000 पुशअप्स किया.

Mahakumbh Mela : महाकुंभ 2025 का आयोजन भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म की ताकत को दर्शाता है. इसने भारत की छवि को पूरी दुनिया में उभारा है. संगम पर आयोजित इस भव्य आयोजन में विदेशी श्रद्धालु भारतीय संस्कृति से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने इसकी मुक्त कंठ से प्रशंसा की. ऑस्ट्रेलिया से आई श्रद्धालु इला और उनके साथ अन्य विदेशी युवकों ने योगी बाबा की व्यवस्थाओं और महाकुंभ के प्रबंधन को लेकर अपनी खुशी जाहिर की. उन्होंने कहा, ”महाकुंभ में महा स्नान और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अद्भुत व्यवस्था की गई है. संगम पर सुरक्षा, स्वच्छता और शांति का ऐसा नजारा पहली बार देखा.”

महाकुंभ की बेहतरीन व्यवस्थाओं पर योगी आदित्यनाथ को सराहना

महाकुंभ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा की गई व्यवस्थाओं को विदेशी सनातन प्रेमियों ने सराहा. संगम पर सुरक्षित, दिव्य और व्यवस्थित माहौल ने श्रद्धालुओं को प्रभावित किया. विदेशी युवकों ने भी इस आयोजन की भव्यता और अनुशासन को लेकर प्रशंसा की. महाकुम्भ 2025 भारतीय संस्कृति और धर्म के प्रचार-प्रसार का माध्यम बनते हुए भारत की वैश्विक पहचान को और मजबूत कर रहा है.

राजपाल बने युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत, नहीं पहनते हैं कपड़े

हरियाणा के रोहतक जिले के सीसर गांव से आए राजपाल योगी, जो ठंड में भी कपड़े नहीं पहनते हैं. अपनी अनूठी जीवनशैली और संदेश से सभी का ध्यान आकर्षित किया. उन्होंने कहा, ”मैं युवाओं को जागरूक करना चाहता हूं कि वे नशे से दूर रहें, शरीर को स्वस्थ रखें और सनातन संस्कृति के मूल्यों को अपनाएं. सोशल मीडिया और महाकुंभ जैसे आयोजन इस संदेश को फैलाने का बेहतर जरिया हैं.” राजपाल ने यह भी कहा कि अगर युवा अपनी संस्कृति और शक्ति को पहचानें, तो भारत फिर से ‘विश्वगुरु’ बन सकता है.

3000 पुशअप्स: शक्ति का अद्भुत प्रदर्शन

राजपाल योगी ने एक हाथ से 3000 पुशअप्स लगाकर शारीरिक और मानसिक शक्ति का उदाहरण प्रस्तुत किया. उन्होंने युवाओं से अपील की, ”शारीरिक और मानसिक शक्ति का संतुलन ही सफलता की कुंजी है. अपनी परंपराओं को अपनाएं और माता-पिता की आज्ञा का पालन करें.”

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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