मध्य प्रदेश में बारिश पर ब्रेक! 14% कम बरसे बादल, बादलों की बेरुखी से कई इलाकों में सूखे का संकट

MP Monsoon Update: मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है. राज्य में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे कई जिलों में खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हुई है. सबसे ज्यादा चिंता आलीराजपुर को लेकर है, जहां बारिश की भारी कमी ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं.

MP Monsoon Update: जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड समेत देश के कई राज्यों में जोरदार बारिश हो रही है. बारिश के कारण लोगों का हाल बेहाल है तो वहीं मध्य प्रदेश के कई इलाकों में मानसून के दौरान अभी तक न के बराबर बारिश हुई है. जी हां, मध्यप्रदेश में इस बार मानसून सामान्य से कमजोर बना हुआ है. मौसम विभाग के अनुसार एक जून से अब तक राज्य में लंबी अवधि के औसत के मुकाबले 14 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है. बारिश की कमी का सबसे ज्यादा असर आदिवासी बहुल आलीराजपुर जिले में देखने को मिल रहा है, जहां सामान्य से करीब 78 प्रतिशत कम वर्षा हुई है. इससे खरीफ फसलों की बुवाई को भारी नुकसान पहुंचा है.

राज्य में अब तक 286.8 मिमी बारिश दर्ज

आंकड़ों के मुताबिक, मध्यप्रदेश में एक जून से अब तक 286.8 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश का आंकड़ा 335.3 मिलीमीटर है. बारिश का वितरण भी पूरे राज्य में असमान रहा है.

आलीराजपुर की हालत सबसे खराब

आलीराजपुर जिले में अब तक सिर्फ 64.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य तौर पर यहां 297.9 मिलीमीटर बारिश होती है. कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आरके यादव के अनुसार, कम बारिश के कारण जिले में अब तक केवल 1.16 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन, मक्का, उड़द, कपास और मूंगफली जैसी फसलों की बुवाई हो सकी है. पिछले साल यह आंकड़ा 1.89 लाख हेक्टेयर था. उन्होंने बताया कि बारिश नहीं होने से फसलों की वृद्धि भी प्रभावित हुई है. किसानों को सलाह दी जा रही है कि अगर आने वाले दिनों में अच्छी बारिश नहीं होती है तो वे कम समय में तैयार होने वाली और कम पानी की जरूरत वाली फसलें जैसे मूंग, ज्वार और बाजरा की ओर रुख करें.

पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश की ज्यादा कमी

मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी मध्यप्रदेश में सामान्य से 18 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी मध्यप्रदेश में यह कमी 11 प्रतिशत रही. पूर्वी क्षेत्र में रीवा सबसे ज्यादा प्रभावित रहा, जहां सामान्य से 59 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई. वहीं मैहर, सिंगरौली, नरसिंहपुर और सीधी में भी बारिश की कमी रही.

देवास में सामान्य से ज्यादा बारिश, कई जिलों में राहत

पश्चिमी मध्यप्रदेश में बारिश का हाल मिला-जुला रहा. देवास जिले में 460.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 51 प्रतिशत अधिक है. इंदौर, भिंड, बुरहानपुर और भोपाल में भी सामान्य से ज्यादा बारिश हुई. वहीं झाबुआ, नर्मदापुरम, धार, दतिया, शिवपुरी और मुरैना में सामान्य से 33 से 45 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई. रतलाम, बड़वानी, शाजापुर, अशोकनगर और ग्वालियर में भी बारिश सामान्य से कम रही, जबकि खंडवा, खरगोन, राजगढ़ और उज्जैन में बारिश लगभग सामान्य स्तर पर रही.

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लेखक के बारे में

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.
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