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Political Crisis In MP : युवा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस छोड़ दी है, जिसके बाद मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार संकट में आ गयी है.
Political Crisis In MP : युवा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस छोड़ दी है, जिसके बाद मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार संकट में आ गयी है.

भोपाल: निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा सीएम कमलनाथ के आवास पहुंचे हैं. इधर, प्रदेश कांग्रेस ने ट्वीट करके सिंधिया पर निशाना साधा है.
दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया को जोरदार झटका लग सकता है. टीवी रिपोर्ट के अनुसार कांग्रेस के बागी विधायकों ने कहा है कि हम सिंधिया के साथ हैं लेकिन भाजपा में शामिल नहीं होंगे. ये मान-सम्मान की लड़ाई है. इधर, कांग्रेस विधायक अर्जुन सिंह ने कहा कि कांग्रेस और कमलनाथ की सरकार बरकरार रहेगी. 16 मार्च को आप देखेंगे कि विधायकों की संख्या भी हम साबित करेंगे. सिंधिया के छोड़ने से कोई फर्क नहीं पड़ा है. राजा-महाराजाओं के दिन चले गये.
कांग्रेस नेता शोभा ओझा ने दावा किया है कि हम सदन में बहुमत हासिल करेंगे. भाजपा के विधायक भी हमारे संपर्क में हैं. कांग्रेस के 19 बागी विधायक हमारे संपर्क में हैं. मुख्यमंत्री कमलनाथ से उनकी बात हुई है. ये विधायक पार्टी में लौटने के लिए तैयार हैं. आगे शोभा ओझा ने कहा कि फ्लोर टेस्ट में हम बहुमत साबित करेंगे. बेंगलुरु में कांग्रेस के जो भी विधायक हैं, उन्हें गुमराह किया गया है. वे हमारे संपर्क में हैं.
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने मध्यप्रदेश के राजनीतिक संकट के लिए कांग्रेस के सीनियर नेताओं को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने अपने ट्विटर वॉल पर लिखा- सिंधिया को पीसीसी अध्यक्ष या राज्यसभा ना देकर कांग्रेस ने भूल की, जिससे उनकी सरकार ही चली जाएगी. ऐसे कुप्रबंधन के लिए कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और काफी हद तक कांग्रेस आलाकमान जिम्मेदार है.
मध्यप्रदेश में कांग्रेस के 22 विधायकों के त्यागपत्र के बाद संकट में आयी कांग्रेस सरकार ने मंगलवार शाम को विधायक दल की बैठक में मौजूद अपने 92 विधायकों को एकजुट रखने के लिए किसी अज्ञात स्थान पर एक साथ रखने का निर्णय लिया है. प्रदेश कांग्रेस ने एक नेता ने कहा कि सरकार को समर्थन कर रहे हमारे 92 विधायकों को प्रदेश के एक होटल में एकसाथ रखा जाएगा. कांग्रेस ने अपने विधायकों के साथ ही चार निर्दलीय विधायकों के समर्थन का भी दावा किया है. इधर , सीएम कमलनाथ ने कहा है कि हमारे पास बहुमत है. घबराने की जरूरत नहीं है. खबरों की मानें तो कांग्रेस बाकी बचे विधायकों को ‘सुरक्षित’ करने के लिए भोपाल से जयपुर भेजेगी.
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार आज 12 बजे दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा का दामन थाम सकते हैं. हालांकि बुधवार सुबह उनके घर के बाहर कोई हलचल नजर नहीं आ रही है.
राजनीतिक जानकारों की मानें तो मध्य प्रदेश भाजपा को लगता है कि कमलनाथ खेमा उनके विधायकों को भी तोड़ने का काम कर सकता है. यही वजह है कि भाजपा ने मध्य प्रदेश के अपने सभी विधायकों को विशेष विमान से दिल्ली भेज दिया है. बताया जा रहा है कि विधानसभा सत्र बुलाये जाने तक इन विधायकों को भोपाल से दूर ही रखा जाएगा.
राजनीतिक गहमागहमी के बीच भाजपा के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय दिल्ली एयरपोर्ट पर नजर आये. जब उनसे इस संबंध में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हम यहां छुट्टियां मनाने पहुंचे हैं. सभी त्योहार के मूड में हैं और हमारा अभी दिल्ली में ही ठहरने का कार्यक्रम है. खबरों की मानें तो सभी विधायकों को गुरुग्राम के एक होटल में ठहराया गया है.
मध्य प्रदेश में राजनीतिक उठापटक के बीच भाजपा के 106 विधायक मंगलवार रात दिल्ली पहुंचे. बताया जा रहा है कि ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि पार्टी को टूट का डर सता रहा है. रातोंरात इन विधायकों को भोपाल से दिल्ली के लिए रवाना किया गया. भोपाल में पार्टी ऑफिस के बाहर कई बसें नजर आयीं. इनमें बैठाकर विधायकों को एयरपोर्ट भेजा गया. उसके बाद इन्होंने दिल्ली के लिए उड़ान भरी.
Political Crisis In MP : कांग्रेस को जबरदस्त झटका देते हुए पार्टी के प्रमुख युवा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को पार्टी से त्यागपत्र दे दिया है जिसके बाद सूबे की राजनीति में भूचाल आ गया. सिंधिया के साथ ही उनके समर्थक पार्टी के 22 विधायकों के इस्तीफे से राज्य की कमलनाथ सरकार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं. मीडिया रिपोर्ट की मानें तो आज सिंधिया भाजपा का दामन थाम सकते हैं. मध्य प्रदेश के राजनीतिक घटनाक्रम का लाइव अपडेट यहां देखें…
Political Crisis In MP : युवा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस छोड़ दी है, जिसके बाद मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार संकट में आ गयी है.