Ladli Behna Yojana : ई-केवाईसी नहीं करवाया तो नहीं आएंगे खाते में पैसे

Ladli Behna Yojana : महाराष्ट्र सरकार ने लाडकी बहिन लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिया है. महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने जानें क्या कहा?

Ladli Behna Yojana : महाराष्ट्र सरकार ने मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना की महिलाओं के लिए ई-केवाईसी करना जरूरी कर दिया है. इसे पूरा करने के लिए महिलाओं को दो महीने का समय दिया गया है. यह योजना 21 से 65 साल उम्र की महिलाओं के लिए है, जिनके परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये से कम है. इन महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये मिलेंगे.

मंत्री अदिति तटकरे ने क्या कहा?

महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने कहा, ‘‘योजना के सभी लाभार्थियों के लिए एक वेब पोर्टल पर ई-केवाईसी सुविधा उपलब्ध करा दी गई है. उनसे अनुरोध है कि वे अगले दो महीनों में ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर लें.’’ उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि यह प्रक्रिया सरल और सुविधाजनक है और योजना में पारदर्शिता बनाए रखने तथा पात्र महिलाओं को नियमित लाभ सुनिश्चित करने के लिए सभी को इसे पूरा करना चाहिए.

तटकरे ने कहा कि यह प्रक्रिया भविष्य में अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए भी उपयोगी होगी. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2024 में शुरू की गई इस योजना के तहत 2.25 करोड़ महिलाओं को पैसा मिलेगा.

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योजना के लाभार्थियों की जांच शुरू

कुछ दिन पहले आई खबर के अनुसार, महाराष्ट्र में लड़की बहिन योजना के लाभार्थियों की जांच शुरू हो गई है. सरकार ने कई ऐसे लाभार्थियों की पहचान की है, जो अन्य सरकारी योजनाओं का भी फायदा ले रहे हैं. ऐसे मामलों में अब उनकी मासिक राशि में कटौती की जा सकती है. सरकार का अनुमान है कि इस प्रक्रिया के बाद लाभार्थियों की संख्या में 10 से 15 लाख तक कमी आ सकती है. यह कदम योजना में पारदर्शिता लाने और केवल पात्र महिलाओं तक मदद पहुंचाने के लिए उठाया गया है. जांच पूरी होने के बाद संशोधित सूची जारी कर दी जाएगी.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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