Ladli Behna Yojana : कभी नहीं मिलेंगे 2,100 रुपये, योजना को लेकर ये क्या कहा मंत्री जी ने

Ladli Behna Yojana : लाडकी बहिन योजना के तहत वित्तीय सहायता बढ़ाकर 2,100 रुपये नहीं की जा सकती है. यह बात महाराष्ट्र के मंत्री ने कही है.

Ladli Behna Yojana : महाराष्ट्र के मंत्री और शिवसेना नेता संजय शिरसाट ने लाडकी बहिन योजना को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि राज्य में गंभीर वित्तीय संकट के चलते इस योजना के तहत मासिक सहायता राशि को 2,100 रुपये तक बढ़ाना संभव नहीं है, जबकि चुनाव से पहले महायुति गठबंधन ने यह वादा किया था. उनका यह बयान महायुति सरकार को असहज स्थिति में डाल सकता है और राजनीतिक हलकों में इसकी चर्चा तेज हो गई है.

सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट ने कहा कि फिलहाल ‘लाडकी बहिन योजना’ के तहत 1,500 रुपये की वित्तीय मदद निश्चित रूप से दी जाएगी. उन्होंने बताया कि इस योजना का 2024 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी नेतृत्व वाले गठबंधन की जीत में अहम योगदान रहा. शिरसाट ने यह भी कहा कि सरकार योजना को जारी रखेगी, चाहे इसके लिए ऋण क्यों न लेना पड़े.

राशि को बढ़ाकर 2,100 रुपये नहीं किया जा सकता : शिरसाट

शिरसाट ने कहा, ‘‘यह एक सच्चाई है कि 1,500 रुपये की मासिक राशि को बढ़ाकर 2,100 रुपये नहीं किया जा सकता. लेकिन लोग इसे मुद्दा बनाकर कहते हैं कि योजना समाप्त कर दी जाएगी या राशि में कटौती की जाएगी. लाडकी बहिन योजना के तहत किए गए वादे को पूरा किया जाएगा.’’ यह शायद पहली बार है, जब राज्य के किसी मंत्री ने इस वित्तीय सहायता को 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,100 रुपये करने के चुनावी वादे को पूरा करने में समस्याओं को स्वीकार किया है.

सरकार चुनावी वादों को पूरा करेगी : एकनाथ शिंदे

पहले महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने कहा था कि सरकार चुनावी वादों को पूरा करेगी. महाराष्ट्र प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस सरकार कोई भी आश्वासन अधूरा नहीं छोड़ेगी. महाराष्ट्र में 2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान महायुति के सहयोगियों ने आश्वासन दिया था कि वित्तीय सहायता बढ़ाकर 2,100 रुपये कर दी जाएगी.

मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना के तहत, वार्षिक आय मानदंड को पूरा करने वाली पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये मासिक प्रदान किए जाते हैं.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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