Ladki Bahin Yojana : 71 लाख लाभार्थियों के खाते बंद? जानें महिलाओं को अब क्या करना होगा

Ladki Bahin Yojana : लाडकी बहिन योजना की 71 लाख लाभार्थियों को अयोग्य ठहराया गया. शिवसेना (यूबीटी) की ओर से यह दावा किया गया है. जानें सुषमा अंधारे ने क्या कहा.

Ladki Bahin Yojana : शिवसेना (यूबीटी) की नेता सुषमा अंधारे ने दावा किया है कि महाराष्ट्र सरकार की ‘मुख्यमंत्री लाडकी बहिन’ योजना में महिलाओं को बड़ा झटका लगा है. उनके मुताबिक करीब 71 लाख महिलाओं को अब इस योजना के लिए अयोग्य करार दे दिया गया है. इस योजना में हर महीने 1,500 रुपये की मदद मिलती थी, जो अब बंद हो सकती है. अंधारे ने कहा कि महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे को साफ-साफ बताना चाहिए कि आखिर 71 लाख महिलाओं को इस योजना से अयोग्य क्यों किया गया? उन्होंने जवाब देने की मांग की.

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को जवाब देना चाहिए : अंधारे

अंधारे ने दावा किया कि 2024 के आखिर में विधानसभा चुनाव से पहले शुरू हुई इस योजना के तहत इन 71 लाख महिलाओं को करीब 255.60 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं. अब उन्होंने सवाल उठाया कि अगर ये महिलाएं अयोग्य थीं, तो राज्य के खजाने को हुए इस नुकसान की भरपाई कौन करेगा. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अदिति तटकरे को इस पर जवाब देना चाहिए.

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उन्होंने पूछा कि उनके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला क्यों नहीं दर्ज किया जाना चाहिए? अंधारे ने आरोप लगाया कि मतदाताओं को लुभाने और चुनाव जीतने के लिए जनता के पैसे का इस्तेमाल किया गया.

एक्टिव अकाउंट की संख्या घटकर करीब 1.75 करोड़

महाराष्ट्र सरकार के अधिकारियों ने बुधवार (1 अप्रैल) को बताया कि लाडकी बहिन योजना में करीब 68 लाख खाते बंद कर दिए गए, क्योंकि लाभार्थी तय समय पर जरूरी ई-केवाईसी पूरा नहीं कर पाए. इसकी वजह से अब इस योजना के एक्टिव अकाउंट की संख्या घटकर करीब 1.75 करोड़ रह गई है.

ई-केवाईसी पूरा करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल

ई-केवाईसी पूरा करने की अंतिम तिथि 31 मार्च को समाप्त हो गई थी, जिसे अब बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दिया गया है. अधिकारियों ने संकेत दिया है कि तारीख में बदलाव के बाद बंद खातों की संख्या में बदलाव हो सकता है.

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Published by: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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