Kolkata Law Student Assault: लॉ कॉलेज के बाहर बीजेपी की जांच टीम को रोका गया, कैंपस सील

Kolkata Law Student Assault: साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज की छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले की जांच जारी है. इस बीच सोमवार को लॉ कॉलेज के बाहर उस समय भारी हंगामा हुआ, जब बीजेपी की फैक्ट फाइंडिंग टीम मामले की जांच के लिए पहुंची. टीम को गेट पर ही रोक दिया गया, उन्हें अंदर जाने की इजाजत नहीं दी गई. जिसके बाद वहां का माहौल गर्म हो गया.

Kolkata Law Student Assault: पूर्व केंद्रीय मंत्री सतपाल सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी, लोकसभा सांसद बिप्लब कुमार देब और राज्यसभा सांसद मनन कुमार मिश्रा सहित बीजेपी की फैक्ट फाइंडिंग टीम अपने समर्थकों और प्रदर्शनकारियों के साथ सोमवार को दक्षिण कलकत्ता लॉ कॉलेज पहुंची, जहां 25 जून की शाम को एक छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था. लेकिन टीम को कॉलेज के गेट पर ही रोक दिया गया और उन्हें अंदर जाने नहीं दिया गया. हालांकि बाद में टीम अंदर गई और बातचीत भी की. इस दौरान वहां भारी हंगामा हुआ. बीजेपी की टीम पुलिस से बात करती रही, लेकिन उन्हें अंदर जाने की इजाजत नहीं दी गई. टीम के साथ पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार और पार्टी विधायक अग्निमित्र पॉल भी मौजूद थे.

बंगाल में दुष्कर्मियों की सरकार : अग्निमित्रा पॉल

पश्चिम बंगाल की भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल कहती हैं, “हमने पुलिस आयुक्त और यहां तक ​​कि उप-प्रधानाचार्य से भी बात की… हमें अंदर जाने से रोका जा रहा था. वे नहीं चाहते थे कि हम अंदर जाएं. अन्याय हुआ है और अगर वे हमें रोकते हैं, तो इसके परिणाम होंगे. उन्होंने चतुराई से काम किया और हमें अंदर जाने दिया. टीएमसी सरकार दुष्कर्मियों की सरकार है.”

कॉलेज कैंपस सील

मामले की जांच के लिए कॉलेज कैंपस को सील कर दिया गया है. पुलिस ने जांच के बाद बताया कि छात्रा से कथित सामूहिक दुष्कर्म की साजिश तीन आरोपियों ने पहले ही रची थी. घटना की जांच कर रहे 9 सदस्यीय SIT के अधिकारियों ने यह भी पाया कि तीन आरोपियों – मनोजीत मिश्रा, प्रोमित मुखर्जी और जैद अहमद का कॉलेज की छात्राओं का यौन उत्पीड़न करने का इतिहास रहा है. चौथा आरोपी कॉलेज का सुरक्षा गार्ड है. तीनों इस तरह की घटनाओं को अपने मोबाइल फोन पर रिकॉर्ड करते थे और बाद में फुटेज का इस्तेमाल पीड़ितों को ‘ब्लैकमेल’ करने के लिए करते थे.

बंगाल की मंत्री ने बीजेपी की फैक्ट फाइंडिंग टीम पर बोला हमला

बीजेपी की फैक्ट फाइंडिंग टीम पर पश्चिम बंगाल की मंत्री डॉ शशि पांजा ने कहा, “भाजपा की चार सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग टीम पश्चिम बंगाल में है. इससे यह स्थापित होता है कि राज्य में लोकतंत्र मौजूद है. यह एक राजनीतिक प्रतिनिधिमंडल है. हालांकि, जब टीएमसी प्रतिनिधिमंडल ने हाथरस या त्रिपुरा जाने का प्रयास किया, तो उन्हें रोक दिया गया. इससे साबित होता है कि पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र है, लेकिन भाजपा शासित राज्यों में नहीं। सच्चाई यह है कि घटना के 12 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया, पीड़िता का बयान दर्ज किया गया और कोलकाता पुलिस की एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया. पीड़िता के परिवार ने भी कहा है कि कोलकाता पुलिस द्वारा की जा रही जांच से उन्हें भरोसा है और उन्हें न्याय मिलेगा। बिप्लब देब के बारे में सच्चाई क्या है? त्रिपुरा के सीएम के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान, बलात्कार और हत्याएं हुईं और राज्य में प्रेस की स्वतंत्रता नहीं थी…”

आरजी कर कॉलेज मामले में जो हुआ वह इस बार नहीं होगा : पीड़िता के वकील

कोलकाता, पश्चिम बंगाल: कोलकाता में कथित सामूहिक बलात्कार मामले पर पीड़िता के वकील अरिंदम कांजीलाल ने कहा, “पीड़िता की एफआईआर के आधार पर यह स्पष्ट रूप से सामूहिक बलात्कार का मामला है और इसके लिए सजा 20 साल से कम नहीं होनी चाहिए और आगे चलकर यह आजीवन कारावास तक हो सकती है। हालांकि, हम आश्वस्त कर सकते हैं कि आरजी कर कॉलेज मामले में जो हुआ वह इस बार नहीं होगा.”

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

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पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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