Kerala By Election: केरल में ‘राहुल’ ने बढ़ाई टेंशन, वोटर कन्फ्यूज, कांग्रेस परेशान

Kerala By Election: 15 राज्यों के 48 विधानसभा क्षेत्रों और 2 संसदीय क्षेत्रों के लिए 13 नवंबर को उपचुनाव होना है. इसको लेकर बीजेपी, कांग्रेस सहित सभी पार्टियों ने कमर कस ली है. लेकिन केरल की दो सीटों ने चुनावी रोमांच बढ़ा दिया है.

Kerala By Election: केरल में पलक्कड़ और चेलक्कारा विधानसभा सीट 13 नवंबर को उपचुनाव होने हैं. इसके लिए जो उम्मीदवार मैदान में हैं, उन्होंने वोटरों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है. उपचुनाव में एक ही नाम के तीन प्रत्याशी मैदान में हैं. जिससे वोटरों को भारी दिक्कत हो सकती है. कांग्रेस नीत यूडीएफ उम्मीदवारों के नाम से मिलते-जुलते नाम वाले तीन व्यक्ति इन विधानसभा सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरे हैं.

पलक्कड़ निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के लिए भारी परेशानी

त्रिकोणीय मुकाबले वाले पलक्कड़ निर्वाचन क्षेत्र में दो निर्दलीय उम्मीदवार – राहुल मनालाजी और राहुल आर. वडाकंथरा – संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के लिए चुनौती पेश कर रहे हैं, जिसने युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राहुल ममकूटाथिल को मैदान में उतारा है.

कांग्रेस ने बीजेपी पर लगाया गंभीर आरोप

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि यूडीएफ उम्मीदवार के इन हमनाम उम्मीदवारों को मैदान में उतारने के पीछे माकपा और भाजपा का हाथ है, जिनका मकसद मतदाताओं को भ्रमित करना है. मकूटाथिल के प्रचार अभियान में शामिल कांग्रेस के एक स्थानीय नेता ने बताया, हमारी शुरुआती पड़ताल से पता चला है कि एक उम्मीदवार माकपा कार्यकर्ता है, जबकि दूसरा भाजपा समर्थित है. हालांकि, इस तरह की रणनीति किसी भी तरह से यूडीएफ की संभावनाओं को प्रभावित नहीं करेगी.

चेलक्कारा में भी विवाद

चेलक्कारा में 46 वर्षीय हरिदासन की उम्मीदवारी ने यूडीएफ उम्मीदवार एवं पूर्व सांसद राम्या हरिदास के नाम से उनके नाम की समानता के कारण विवाद को जन्म दिया है. माकपा उम्मीदवार यूआर प्रदीप के समर्थन में वोट मांगने के लिए निर्वाचन क्षेत्र में लगाए गए एक बैनर पर भी हरिदासन की तस्वीर थी. कांग्रेस कार्यकर्ताओं के अनुसार, विवाद के बाद बैनर को हटा दिया गया. माकपा ने इस मामले पर आधिकारिक तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >