केरल बीजेपी के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कहा-देश को अस्थिर करने की कोशिश का हिस्सा है कॉकरोच जनता पार्टी

Cockroach Janta Party : सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी का अकाउंट वायरल होने के बाद प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं. केरल बीजेपी के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने इस अकाउंट को देश को अस्थिर करने की कोशिश का हिस्सा बताया.

Cockroach Janata Party : केरल बीजेपी के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने शनिवार को कहा कि हाल में चर्चा में आया सोशल मीडिया एकाउंट कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) उस अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य भारत को अस्थिर करना है. उन्होंने कहा कि जनमत को प्रभावित करने के लिए यह अभियान सीमा पार से चलाया जा रहा है.

पीएम मोदी और उनकी सरकार को निशाना बनाना उद्देश्य

राजीव चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि कॉकरोच पार्टी की इस चाल को विपक्ष के कुछ वर्गों की मदद से सीमा पार से चलाया जा रहा है. इस अभियान का उद्देश्य जनता को प्रभावित करना है. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और एआई के इस दौर में जनमत को प्रभावित करने के ये अभियान देश में अस्थिरता पैदा करने के खतरनाक और प्रभावी तरीके हैं. भाजपा नेता ने दावा किया कि मोदी के नेतृत्व में भारत के उदय और आधुनिकीकरण से कई देशों को दिक्कत है.

विकसित भारत का सपना सच होकर रहेगा

राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि मोदी सरकार ने देश को कठिन दौर से बाहर निकाला है. उन्होंने देश की आर्थिक वृद्धि सुनिश्चित करते हुए भारत को सुरक्षित, संरक्षित और सक्षम बनाए रखा है. उन्होंने कहा कि यही सच्चे नेतृत्व की पहचान है और देश एवं दुनिया के सामने आने वाली चुनौतियों का एकजुट होकर सामना करना आज के समय में सही कदम है.उन्होंने कहा कि कोई कॉकरोच, कोई तुच्छ भारतीय विपक्षी नेता, मोदी से नफरत करने वाला कोई मसखरा या कोई विदेशी निहित स्वार्थ विकसित भारत बनाने के संकल्प को पटरी से नहीं उतार सकता.

कॉकरोच जनता पार्टी पर सोशल मीडिया में वायरल

पिछले सप्ताह अस्तित्व में आई और सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में फॉलोअर के साथ सुर्खियों में रही कॉकरोच जनता पार्टी के एक्स अकाउंट पर भारत में बृहस्पतिवार को रोक लगा दी गई. हालांकि, इस रोक के कुछ ही देर बाद कॉकरोच मरता नहीं है टैगलाइन के साथ कॉकरोच इज बैक नाम से एक और हैंडल बना दिया गया.

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By Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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