अब दिल्ली का होगा अपना शिक्षा बोर्ड, केजरीवाल सरकार ने दी मंजूरी

कैबिनेट की मीटिंग के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा कि आज हमने दिल्ली की कैबिनेट में दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन के गठन को मंजूरी दे दी है. उन्होंने कहा कि ये बोर्ड 3 लक्ष्य पूरे करेगा. हमें ऐसे बच्चे तैयार करने हैं, जो कट्टर देशभक्त हों, जो आने वाले समय में हर क्षेत्र में देश की ज़िम्मेदारी अपने कंधों पर उठाने के लिए तैयार हों.

  • दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन के गठन का बड़ा ऐलान

  • दिल्ली के पास होगा अब अपना शिक्षा बोर्ड

  • एजुकेशन सिस्टम में क्रांतिकारी परिवर्तन का प्रयास

नई दिल्ली : दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने शनिवार को बड़ा फैसला करते हुए दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन के गठन की मंजूरी दे दी है. सरकार के इस फैसले के बाद अब दिल्ली के पास अन्य राज्यों की तरह अपना शिक्षा बोर्ड होगा. शिक्षा बोर्ड के गठन के लिए शनिवार को हुई कैबिनेट की मीटिंग में फैसला किया गया.

कैबिनेट की मीटिंग के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा कि आज हमने दिल्ली की कैबिनेट में दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन के गठन को मंजूरी दे दी है. उन्होंने कहा कि ये बोर्ड 3 लक्ष्य पूरे करेगा. हमें ऐसे बच्चे तैयार करने हैं, जो कट्टर देशभक्त हों, जो आने वाले समय में हर क्षेत्र में देश की ज़िम्मेदारी अपने कंधों पर उठाने के लिए तैयार हों.

उन्होंने कहा कि हमारे बच्चे अच्छे इंसान बनें और ये बोर्ड बच्चों को अपने पैरों पर खड़ा होने के लिए तैयार करेगा. उन्होंने कहा कि ‘दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन’ की स्थापना दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था में हो रहे क्रांतिकारी परिवर्तन को नई ऊंचाइयों की तरफ लेकर जाएगा.

इसके पहले उन्होंने शुक्रवार को दिल्ली सरकार के कामकाज को लेकर एक वीडियो शेयर करते हुए ट्वीट किया था कि क्या आपने कभी सुना है कि कोई सरकार आपके घर आकर आपका सरकारी काम करके जाती हो? इसी ट्वीट में उन्होंने आगे लिखा है कि पूरी दुनिया में सिर्फ़ अपनी दिल्ली में ऐसा होता है. ना सरकारी दफ़्तरों के चक्कर, ना दलालों का झंझट, बस एक कॉल पर दिल्ली सरकार आपके घर आकर आपका काम करके जाती है.

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Posted by : Vishwat Sen

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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