Karni Sena Protest : सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक सपा सांसद रामजी लाल सुमन रहे डर के साए में

Karni Sena Protest : सांसद रामजी लाल सुमन की राणा सांगा पर टिप्पणी के विरोध में करणी सेना ने आगरा में निकाली रैली. रक्त स्वाभिमान सम्मेलन के मद्देनजर सुमन के आवास पर भी सुरक्षा कड़ी की गई. सपा सांसद सुमन ने कहा, ‘‘पहले उनके आवास पर हमला हुआ था लेकिन ऐसा दोबारा न हो, इसके लिए प्रशासन ने इंतजाम किए.”

Karni Sena Protest : समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन ने राणा सांगा पर की गई टिप्पणी के कारण चर्चा में आ गए हैं. शनिवार को उनका घर किसी छावनी (सुरक्षा से घिरे इलाके) की तरह नजर आया, कारण था करणी सेना का प्रदर्शन…गढ़ी रामी में हुए एक सम्मेलन के बाद यह आशंका थी कि भीड़ उनके घर की ओर कूच कर सकती है. जैसे-जैसे सूरज चढ़ता गया, घर पर तैनात सुरक्षा कर्मियों और सपा नेताओं की चिंता भी बढ़ती गई. शाम पांच बजे सम्मेलन खत्म हआ जिसके बाद करीब छह बजे तक सम्मेलन में आए लोग अपने-अपने घर की ओर लौटने लगे. सम्मेलन करीब 12 बजे से शुरू हुआ था. इसके बाद सपा नेताओं ने राहत की सांस ली.

सपा सांसद से माफी मांगने के लिए करणी सेना ने कहा

सपा सांसद रामजीलाल सुमन के घर पर सैकड़ों सपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी दिनभर दिखे. सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक उनका घर किसी किले की तरह बना रहा. सुरक्षा बलों ने किसी को भी पास नहीं आने दिया. पीले और केसरिया रंग के स्कार्फ पहने और तलवारें लहराते हुए करणी सेना और अन्य 40 क्षत्रिय समूहों के सदस्य शनिवार को गढ़ी क्षेत्र में एकत्र हुए. उन्होंने राजपूत राजा राणा सांगा पर समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद रामजी लाल सुमन की टिप्पणी का विरोध करते हुए उनसे माफी मांगने को कहा.

राणा सांगा को लेकर सपा सांसद ने क्या कहा?

गढ़ी रामी में शनिवार को रक्त स्वाभिमान सम्मेलन को लेकर पहले से ही करणी सेना समेत कई संगठनों ने घोषणा की थी कि राणा सांगा की जयंती पर रक्त स्वाभिमान सम्मेलन आयोजित किया जाएगा. राणा सांगा को लेकर सुमन द्वारा राज्यसभा में की गयी एक टिप्पणी को लेकर क्षत्रिय संगठनों ने नाराजगी जाहिर की. यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब सुमन ने 21 मार्च को संसद में कहा कि राणा सांगा ने इब्राहिम लोदी को हराने के लिए बाबर को भारत आमंत्रित किया था. उन्होंने कहा था कि अगर भारतीय मुसलमानों को बाबर का वंशज बताया जाता है तो इसी तरह दूसरे समुदायों को भी राणा सांगा जैसे गद्दार के वंशज के तौर पर देखा जा सकता है. राजपूत विरासत पर सवाल खड़ा करने वाले इस बयान से ‘अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा’ और करणी सेना सहित राजपूत संगठन भड़क उठे.

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इसके बाद, करणी सेना के सदस्यों ने 26 मार्च को आगरा में रामजी लाल सुमन के आवास पर हमला कर तोड़फोड़ की. आगरा में शनिवार को ‘रक्त स्वाभिमान सम्मेलन’ के मद्देनजर पुलिस ने कड़े इंतजाम किए थे.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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