कर्नाटक हिजाब विवाद के बीच आज हाईकोर्ट में सुनवाई हुई और कल भी इस मामले में सुनवाई होगी. इस बीच कर्नाटक सरकार ने तुमकुर में सुबह छह बजे से अगले आदेश तक धारा 144 लागू कर दिया है. यह आदेश इसलिए जारी किया गया है क्योंकि प्रदेश में 16 फरवरी से स्कूल खोल दिये गये हैं.
16 फरवरी से खुल काॅलेज
तुमकुर के डीसी ने बताया कि यह आदेश डिग्री काॅलेजों सहित अन्य काॅलेज परिसर के 200 मीटर दायरे तक लागू होगा. गौरतलब है कि सरकार ने हिजाब विवाद के बीच स्कूलों और काॅलेजों को बंद कर दिया था, लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद इन्हें दोबारा खोला जा रहा है. 14 फरवरी से कक्षा 1-10 तक की बच्चियों के लिए स्कूल को खोला गया और अब 16 फरवरी से काॅलेज खोले जा रहे हैं.
हिजाब आस्था का प्रतीक ना कि धार्मिक कट्टरता का
हिजाब पर प्रतिबंध के खिलाफ कर्नाटक हाईकोर्ट में मुस्लिम छात्राओं का पक्ष रखते हुए उनके वकील ने कहा कि हिजाब पहनना उनकी आस्था का प्रतीक है, न कि धार्मिक कट्टरता का प्रदर्शन. उन्होंने उच्च न्यायालय की पूर्ण पीठ से छात्राओं को हिजाब पहनकर कक्षाओं में जाने की छूट देने का भी अनुरोध किया. उन्होंने कहा कि कोर्ट ने सुनवाई पूरी होने तक हिजाब को बैन करके उनके मौलिक अधिकारों को निलंबित कर दिया है. गौरतलब है कि मुस्लिम लड़कियों ने कर्नाटक सरकार के 5 फरवरी के आदेश को चुनौती दी है, जिसमें छात्रों को ऐसी पोषाक पहनने से प्रतिबंधित किया गया है जो शांति, सद्भाव और कानून व्यवस्था को बिगाड़ सकते हैं.
लड़कियों को हिजाब पहनने पर स्कूलों में नहीं मिला प्रवेश
कर्नाटक में सोमवार 14 फरवरी से स्कूल खुले हैं पहले दिन से ही हिजाब को लेकर विवाद जारी रहा. सोमवार को तो कई स्कूलों में प्रबंधन और अभिभावकों के बीच बहस भी हुई और कई अभिभावक अपने बच्चियों को वापस ले गये, तो कइयों ने हिजाब उतारकर स्कूल का रुख किया. आज हिजाब पहनकर कक्षा में प्रवेश नहीं दिए जाने पर एक लड़की ने परीक्षा छोड़ दी. छात्राओं के आक्रोशित अभिभावकों को स्कूल प्रशासन और पुलिस से तीखी बहस करते देखा गया. वहीं आज एक स्कूल मेंभगवा स्कार्फ लहराने की सूचना भी है, जबकि सोमवार को ऐसी कोई घटना सामने नहीं आयी थी.
